संतों के विरोध के बाद नगर निगम का यू-टर्न, काशी के मठों–मंदिरों को हाउस टैक्स से पूरी राहत

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वाराणसी। काशी के मठों और मंदिरों पर हाउस टैक्स लगाने को लेकर उठे विवाद के बीच वाराणसी नगर निगम ने स्थिति साफ कर दी है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने स्पष्ट किया कि नगर निगम अधिनियम की धारा 175 और 177 के तहत किसी भी मठ, मंदिर या धार्मिक संस्थान पर हाउस टैक्स लागू नहीं होता।

नगर आयुक्त ने बताया कि हाल ही में बिलिंग सिस्टम में किए गए तकनीकी बदलाव के कारण कुछ धार्मिक स्थलों को गलती से टैक्स नोटिस जारी हो गए थे। इस चूक को संज्ञान में लेते हुए नगर निगम ने तुरंत सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सभी जोनल अधिकारियों और राजस्व निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि बिना पूरी जांच के कोई भी बिल वितरित न किया जाए। यदि कहीं त्रुटि पाई जाती है, तो उसे उसी दिन दुरुस्त किया जाएगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों के खिलाफ किसी भी तरह की कुर्की की कार्रवाई नहीं होगी। साथ ही, वर्ष 2010 के शासनादेश के अनुसार धार्मिक और चैरिटेबल संस्थानों को जलकर और सीवर टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट पहले की तरह जारी रहेगी।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में कुछ मठों और मंदिरों को टैक्स नोटिस मिलने से संत समाज में नाराजगी बढ़ गई थी। इसके बाद नगर निगम पर सवाल उठे। अब निगम ने साफ कर दिया है कि काशी के सभी धार्मिक उपासना स्थलों को हाउस टैक्स से पूरी छूट है और जारी किए गए नोटिस केवल तकनीकी खामी का नतीजा थे।

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Author: News Rastra

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