मुंबई: ‘उदयपुर फाइल्स’ (Udaipur Files) फिल्म की रिलीज़ के बाद देश में राजनीति गर्मा गई है। शुक्रवार को रिलीज़ हुई यह फिल्म कन्हैयालाल हत्याकांड पर आधारित है, जिसे लेकर समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र अध्यक्ष और विधायक अबू आज़मी ने कड़ी आपत्ति जताई है।
‘फिल्म से बढ़ेगी नफरत, नहीं मिलेगा प्यार’ – अबू आज़मी
अबू आज़मी का कहना है कि ऐसी फिल्मों से समाज में केवल नफरत फैलेगी, जबकि देश को आज भाईचारे और सौहार्द की ज़रूरत है। उन्होंने कहा, “अगर नूपुर शर्मा का बयान सामने नहीं आया होता, तो शायद यह घटना टल सकती थी। ‘उदयपुर फाइल्स’ दिखाकर कुछ लोग मुसलमानों को टारगेट करना चाहते हैं, जो गलत है।”
“नूपुर शर्मा के बयान ने दी चिंगारी”
अबू आज़मी ने दावा किया कि फिल्म में जिस टेलर की हत्या दिखाई गई है, वह नूपुर शर्मा के विवादित बयान के समर्थन में कुछ बोलने के बाद निशाना बना। उन्होंने कहा, “बीजेपी ने खुद नूपुर को बाहर का रास्ता दिखाया था, क्योंकि वह बयान नफरत को बढ़ावा दे रहा था। अब आप उसी बात को आधार बनाकर एक पूरे समुदाय के खिलाफ माहौल बना रहे हैं।”
‘इस्लामिक देश होता तो तुरंत होती कार्रवाई’ANI से बातचीत में अबू आज़मी ने कहा, “अगर कोई शख्स किसी इस्लामिक देश में हुजर के खिलाफ कुछ कहता, तो उसी वक्त कार्रवाई होती। लेकिन भारत एक कानून-सम्पन्न देश है। यहां सबको सम्मान मिलना चाहिए, फिर चाहे वह किसी भी धर्म का हो।”
राहुल गांधी की बातों का समर्थन, EC पर उठाए सवाल
राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए गए सवालों पर अबू आज़मी ने कहा कि विपक्षी दलों को मिलकर ‘हल्ला बोल’ आंदोलन चलाना चाहिए। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने सही मुद्दा उठाया है। कई अफसर बीजेपी से मिले होते हैं और वोटों की चोरी की शिकायतें सामने आती हैं।”
“सड़क पर उतरने की ज़रूरत”
अबू आज़मी ने सभी विपक्षी दलों से आह्वान किया कि वे केवल बयानों तक सीमित न रहें, बल्कि सड़कों पर उतरकर जनता की आवाज़ बनें। उन्होंने कहा, “अगर सड़कें सुनसान हो गईं, तो संसद बेलगाम हो जाएगी। आज की राजनीति को ज़मीन से जोड़ने की ज़रूरत है।”
“उद्धव-राहुल की मुलाकात से बेचैन हुई बीजेपी”
जब उनसे उद्धव ठाकरे और राहुल गांधी की हालिया मुलाकात पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने कहा, “बीजेपी को क्यों परेशानी हो रही है? वे चाहते हैं कि इंडिया अलायंस बिखर जाए, लेकिन हम सब मिलकर बीजेपी को चुनौती देंगे।”










