उत्तर प्रदेश सरकार ने उन छह लाख छात्रों के लिए राहत का ऐलान किया है, जो छात्रवृत्ति और फीस भुगतान में पिछड़ गए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके लिए मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत करीब 300 करोड़ रुपये का प्रबंध अनुपूरक बजट और बचत के मदों से किया जाएगा।
किन छात्रों को मिलेगा लाभ
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एससी-एसटी छात्र: सालाना आय 2.5 लाख रुपये तक
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अन्य वर्ग के छात्र: सालाना आय 2 लाख रुपये तक
इन छात्रों को छात्रवृत्ति के साथ उनकी फीस भी चुकाई जाएगी।
पिछली असुविधाओं का कारण
वर्ष 2024-25 में कई छात्र विभिन्न कारणों से योजना का लाभ नहीं ले पाए।
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कुछ संस्थानों और विश्वविद्यालयों ने ऑनलाइन आवेदन आगे नहीं बढ़ाया।
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नोडल अधिकारियों की लापरवाही के कारण डेटा फॉरवर्ड नहीं हुआ।
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उदाहरण के तौर पर, अलीगढ़ की राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी ने एससी छात्रों का डेटा फॉरवर्ड करने के लिए लॉग इन तक नहीं किया।
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फरवरी और मार्च में आवेदन करने वाले छात्रों का डेटा आगे बढ़ाने के लिए 17 से 30 अप्रैल तक का समय दिया गया था, लेकिन अधिकारी इसे पूरा नहीं कर पाए।
ऑनलाइन डेटा प्रोसेसिंग की प्रक्रिया
समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव लक्कु वेंकटेश्वर लू ने बताया कि नए वित्त वर्ष में बकाया भुगतान के लिए मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद कैबिनेट में प्रस्ताव भेजा जाएगा। कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद छात्रों के ऑनलाइन डेटा प्रोसेस करने के लिए समय सारिणी जारी की जाएगी।









