वाराणसी में सड़क की बदहाली के खिलाफ कांग्रेस की ‘पोल-खोल पदयात्रा’ में गड्ढे में उतरकर सांकेतिक प्रदर्शन करना पार्टी नेताओं को महंगा पड़ गया। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष समेत 60 कार्यकर्ताओं पर देर रात एफआईआर दर्ज की गई है।
वाराणसी | उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को गड्ढे में उतरकर “विकास” तलाशना भारी पड़ गया। गुरुवार को वाराणसी के इंग्लिशिया लाइन में सड़क की दुर्दशा के खिलाफ हुए प्रदर्शन के बाद सिगरा थाने में देर रात करीब 1 बजे उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। अजय राय सहित 10 नामजद नेताओं और 50 अज्ञात कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर सड़क जाम कर यातायात बाधित करने का आरोप लगा है। विद्यापीठ चौकी प्रभारी विकल शांडिल्य की तहरीर पर अजय राय के साथ जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल, राघवेंद्र चौबे, धर्मेंद्र तिवारी, फसाहत हुसैन, प्रमोद पांडेय, गुलशन अली, शतनाम सिंह, अशोक सिंह और अकील अंसारी के नाम FIR में दर्ज किए गए हैं।
‘पोल–खोल पदयात्रा’ में जमकर हुई नारेबाजी
कांग्रेस की यह विरोध यात्रा ‘पोल–खोल पदयात्रा’ के नाम से निकाली गई थी, जो कैंट स्थित नाइट मार्केट से शुरू होकर गिरजाघर होते हुए चितरंजन पार्क तक गई। पदयात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के विकास मॉडल की जमकर आलोचना की। इंग्लिशिया लाइन पर सड़क के गड्ढे में उतरकर अजय राय ने सांकेतिक प्रदर्शन किया और कहा कि “यही है विकास की सच्चाई, जिसे जनता भुगत रही है।”
“11 करोड़ की योजना, विकास हुआ सिर्फ कागज़ों पर”
अजय राय ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नाइट मार्केट के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर सैकड़ों दुकानदारों को उजाड़ा गया, जिनका न तो कोई पुनर्वास हुआ और न ही मुआवजा मिला। उन्होंने दावा किया कि “11 करोड़ की योजना में से मात्र 5-6 करोड़ ही विकास पर लगे, बाकी पैसे कमीशन में हजम कर लिए गए।”