वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ (MGKVP) के बॉयज हॉस्टल की मेस में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मेस का संचालन शुरू हुए अभी महज एक महीना ही बीता है, लेकिन खाने में कीड़े मिलने की शिकायतों ने छात्रों के गुस्से को भड़का दिया है।
बुधवार को भोजन की थाली में कीड़ा मिलने के बाद छात्रों ने कड़ा विरोध जताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुलपति प्रो. आनन्द त्यागी ने खुद हॉस्टल मेस का औचक निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
कुलपति ने परखी व्यवस्था, दिए निगरानी कमेटी के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कुलपति ने मेस के कुकिंग एरिया, साफ-सफाई और भोजन तैयार करने की पूरी प्रक्रिया का बारीकी से मुआयना किया। छात्रों की नाराजगी और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने हॉस्टल वार्डन प्रो. नागेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से छात्रों की एक निगरानी कमेटी (मॉनीटरिंग कमेटी) गठित करने के निर्देश दिए हैं।
नई व्यवस्था के तहत यह छात्र कमेटी निम्नलिखित बिंदुओं पर सीधी नजर रखेगी:
सब्जियों की कटाई और छंटाई
चावल और अन्य अनाजों को पकाने की प्रक्रिया
कच्चे अनाज का रखरखाव और भंडार कक्ष की स्थिति
रसोई से लेकर थाली में भोजन परोसे जाने तक की संपूर्ण साफ-सफाई
लंबे अंतराल के बाद शुरू हुई थी मेस
गौरतलब है कि काशी विद्यापीठ में पिछले कई वर्षों से हॉस्टल की मेस बंद पड़ी थी। कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने विश्वविद्यालय दौरे के दौरान मेस बंद मिलने पर गहरी नाराजगी जताई थी। राज्यपाल के निर्देश के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस शैक्षणिक सत्र में लंबे अंतराल के बाद मेस का संचालन दोबारा शुरू कराया था।
अब संचालन के महज एक महीने के भीतर ही खाने में गुणवत्ता की कमी और लापरवाही सामने आने से विश्वविद्यालय प्रशासन की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि भोजन की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ, तो वे और उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
Author: News Rastra
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