पाकिस्तान में आतंक का साया एक बार फिर जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर मंडरा गया। मंगलवार, 7 अक्टूबर को हुए बम धमाके में कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हमले की जिम्मेदारी बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स ने ली है। संगठन ने दावा किया कि उनके लड़ाकों ने ट्रेन पर रिमोट कंट्रोल से संचालित आईईडी बम लगाया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, रावलपिंडी से क्वेटा जा रही जाफर एक्सप्रेस को बलूचिस्तान के सुल्तान कोट क्षेत्र में निशाना बनाया गया। धमाका इतना जोरदार था कि ट्रेन के कई कोच बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। धमाके की खबर मिलते ही सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स ने बयान जारी कर कहा कि इस हमले में पाकिस्तान के कई जवान मारे गए हैं। संगठन ने चेतावनी दी कि “आजादी की लड़ाई” के नाम पर ऐसे और हमले किए जाएंगे।
यह साल जाफर एक्सप्रेस के लिए बेहद भयावह साबित हो रहा है। यह इस साल का तीसरा बड़ा हमला है। इससे पहले 11 मार्च को आतंकियों ने ट्रेन को हाईजैक कर लिया था, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 33 आतंकी ढेर किए गए थे और 354 यात्रियों को बचा लिया गया था। वहीं 10 अगस्त को मस्तुंग में हुए आईईडी धमाके में छह डिब्बे पटरी से उतर गए थे, जबकि जून 2025 में जैकोबाबाद में हुए एक धमाके से ट्रेन की चार बोगियां क्षतिग्रस्त हो गई थीं।
पाकिस्तान के रेलवे नेटवर्क पर लगातार बढ़ते हमले देश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।










