बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण के खिलाफ आज बिहार बंद का नेतृत्व राहुल गांधी ने किया। वे पटना पहुंचे और तेजस्वी यादव सहित अन्य नेताओं के साथ इनकम टैक्स गोलंबर से मार्च शुरू किया। हजारों समर्थकों के बीच शहीद स्मारक तक विरोध मार्च निकाला गया। मार्च के दौरान पुलिस बैरिकेडिंग से तनाव भी उत्पन्न हुआ।
राहुल गांधी ने इसे लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई बताया और मतदाता अधिकारों का राष्ट्रीय मुद्दा करार दिया।

बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर उठे राजनीतिक बवाल के बीच आज बिहार बंद की कमान खुद लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संभाल ली। उनका पटना आगमन पूरे विरोध प्रदर्शन का केंद्र बन गया। राहुल गांधी विमान से पटना पहुंचे और सीधे विरोध स्थल इनकम टैक्स गोलंबर पर पहुंचे, जहां पहले से ही तेजस्वी यादव, दीपांकर भट्टाचार्य और मुकेश सहनी जैसे अन्य विपक्षी नेता मौजूद थे। राहुल गांधी के पहुंचते ही प्रदर्शन ने और तेज गति पकड़ ली।
हजारों कार्यकर्ताओं के हुजूम के बीच राहुल गांधी विरोध मार्च में शामिल हुए और खुले वाहन पर खड़े होकर सड़क मार्ग से शहीद स्मारक तक मार्च किया। उनके साथ महागठबंधन के तमाम बड़े नेता भी कदम से कदम मिलाकर चले। राहुल गांधी का यह मार्च केवल एक विरोध नहीं, बल्कि 2025 के विधानसभा चुनावों के लिए विपक्ष के इरादों का एलान बनकर सामने आया।
पैदल मार्च के दौरान जैसे-जैसे कारवां आगे बढ़ता गया, वैसे-वैसे भीड़ उमड़ती गई। शहीद स्मारक के पास पुलिस बैरिकेडिंग के कारण तनाव की स्थिति बन गई। अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा, “चुनाव से पहले मतदाता सूची में छेड़छाड़ लोकतंत्र की हत्या है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह लड़ाई अब सिर्फ बिहार की नहीं, पूरे भारत के मतदाता अधिकारों की है।” राहुल गांधी की मौजूदगी ने आज के बिहार बंद को न केवल ऊर्जा दी बल्कि इसे राष्ट्रीय फलक पर चर्चा का विषय बना दिया।”
Author: News Rastra
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