Shibu Soren Death : झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक और पूर्व सीएम शिबू सोरेन का सोमवार सुबह निधन हो गया। वे काफी समय से बीमार चल रहे थे और दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में वेंटिलेटर पर थे। अस्पताल के अनुसार, सुबह 8:56 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। वे किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे और हाल ही में उन्हें स्ट्रोक भी आया था।
तीन दिन का राजकीय शोक
शिबू सोरेन के निधन पर झारखंड में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। राज्य भर में उनके जाने की खबर फैलते ही शोक की लहर दौड़ गई है।
‘दिशोम गुरु’ का जीवन संघर्षों से भरा रहा
शिबू सोरेन, जिन्हें “दिशोम गुरु” और “गुरुजी” के नाम से सम्मान मिलता था, ने आदिवासी अधिकारों और शोषण के खिलाफ जीवनभर संघर्ष किया। उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा के जरिए आदिवासी समाज की आवाज को राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाया।
बेटे हेमंत सोरेन का भावुक संदेश
झारखंड के मुख्यमंत्री और शिबू सोरेन के बेटे हेमंत सोरेन ने पिता के निधन पर गहरा दुख जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा:
“आदरणीय दिशोम गुरुजी हम सभी को छोड़कर चले गए हैं। आज मैं शून्य हो गया हूं।”
राजनीतिक सफर
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शिबू सोरेन का जन्म 11 जनवरी 1944 को बिहार के हजारीबाग (अब झारखंड) में हुआ था।
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उन्होंने 1977 में पहला चुनाव लड़ा, लेकिन हार का सामना करना पड़ा।
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1980 से कई बार लोकसभा सांसद बने और केंद्र में कोयला मंत्री के रूप में भी काम किया।
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वे तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री बने — 2005, 2008 और 2009, हालांकि वे एक भी बार कार्यकाल पूरा नहीं कर सके।
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झारखंड को बिहार से अलग राज्य बनाने के आंदोलन में उनकी निर्णायक भूमिका रही।










