जौनपुर। सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर-गौर गांव में बुधवार दोपहर आसमान से गिरी बिजली ने ऐसा कहर ढाया कि पूरे गांव में मातम छा गया। बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की खबर फैलते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया।
हादसा कैसे हुआ
ग्रामीणों के अनुसार दोपहर करीब एक बजे लालमन का 15 वर्षीय बेटा किशन और पड़ोसी बुधीराम का 13 वर्षीय बेटा अतुल बारिश से बचने के लिए गांव के बाहर एक शीशम के पेड़ के नीचे खड़े थे। अचानक गिरी बिजली सीधे उन पर आ गिरी। तेज धमाके की आवाज सुनकर लोग मौके पर पहुंचे तो दोनों बच्चे गंभीर रूप से झुलसे पड़े थे। सूचना मिलते ही पुलिस पहुँची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी जयप्रकाश यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मौत का कारण आकाशीय बिजली ही पाया गया है।
पिता की सीख न मानने का दर्द
किशन के पिता लालमन मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उन्होंने बताया कि सुबह से ही मौसम खराब था, इसलिए उन्होंने बच्चों को बाहर न जाने की सख्त हिदायत दी थी। लेकिन किशन ने पिता की बात नहीं मानी। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा और कक्षा 5 का छात्र था। पढ़ाई में होनहार बेटे की अचानक मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है।
बेटे की खबर सुनकर बेसुध हुआ परिवार
दूसरे मृतक अतुल के पिता बुधीराम की चीख पूरे गांव में गूंज उठी। ईंट भट्ठे पर मजदूरी करके परिवार चलाने वाले बुधीराम को जैसे ही फोन पर बेटे की मौत की खबर मिली, वह बेसुध होकर रोने लगे। अतुल चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर था और कक्षा 3 में पढ़ता था। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार इस त्रासदी से पूरी तरह बिखर गया है।
गांव में पसरा सन्नाटा
सुल्तानपुर-गौर गांव में इस दर्दनाक हादसे के बाद गहरा सन्नाटा छाया हुआ है। लोग परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं, लेकिन उनकी आंखों से बहते आंसू दुख की गहराई को बयां कर रहे हैं। दो मासूमों की मौत ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।










