वाराणसी में निकली भव्य गोवर्धन पूजा शोभायात्रा, आकर्षक झांकियों ने लोगों को किया मोहित

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वाराणसी में बुधवार को पारंपरिक गोवर्धन पूजा शोभायात्रा का भव्य आयोजन किया गया। सैकड़ों वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यादव समाज ने लहुराबीर से यात्रा की शुरुआत की, जो नमो घाट स्थित गोवर्धन धाम तक पहुँचकर सम्पन्न हुई। यात्रा में केसरिया साफा में सजे यदुवंशियों का उत्साह देखने लायक था।

झांकियों ने किया मंत्रमुग्ध

शोभायात्रा में कई आकर्षक और मनमोहक झांकियां प्रदर्शित की गईं। प्रयागराज से आई मां चामुंडेश्वरी की झांकी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। संहार के बाद शांत मुद्रा में नरमुंडों पर विराजमान मां का रौद्र और सौम्य रूप का अद्भुत संगम देखने को मिला। उनके आगे भूत-पिशाचों की झांकी में तांडव करते पात्र शामिल थे।

इसी तरह, काली माता के नौ रौद्र रूपों को झांकी में प्रदर्शित किया गया, जिनके तांडव ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। साथ ही, आल्हा-ऊदल की वीर झांकी ने युद्ध के साहस और पराक्रम की झलक दिखाई। हरियाणा से आई टीम ने “ऑपरेशन सिंदूर” थीम पर झांकी पेश की, जिसमें देशभक्ति और वीरता झलक रही थी।

पांडवों और अहीर रेजिमेंट की झांकियां

महाभारत युद्ध के बाद पांचों पांडवों की झांकी ने भी श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा। युधिष्ठिर, अर्जुन, भीम, नकुल और सहदेव के स्वरूपों को देखने के लिए लोग उमड़ पड़े। वहीं, अहीर रेजिमेंट की टुकड़ी भी झांकी का हिस्सा रही, जो युद्धभूमि में दुश्मनों पर गोलियां बरसाते हुए वीरता और पराक्रम का संदेश दे रही थी।

प्रह्लाद घाट की नृत्य झांकी और शुभारंभ

प्रह्लाद घाट के कलाकारों ने विशेष नृत्य झांकी प्रस्तुत की, जिसके लिए उन्होंने तीन महीने से अभ्यास किया था। शोभायात्रा का शुभारंभ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और मल्हनी विधायक लक्की यादव ने किया। मंच पर पहुंचने पर अजय राय का स्वागत भगवा पगड़ी पहनाकर किया गया।

इस भव्य शोभायात्रा ने काशी की सांस्कृतिक विरासत, श्रद्धा और परंपरा को जीवंत करते हुए श्रद्धालुओं को एक अनोखा अनुभव दिया।

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Author: News Rastra

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