रूस ने यूक्रेन पर किया अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन और मिसाइल अटैक, परमाणु ठिकानों को बनाया निशाना

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रूस-यूक्रेन युद्ध को तीन साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन हालात शांत होने के बजाय और भी भयावह होते जा रहे हैं। शुक्रवार रात से शनिवार की सुबह तक रूस ने यूक्रेन पर भीषण ड्रोन और मिसाइल हमले किए। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी सेना ने इस बार यूक्रेन के खमेलनित्सकी और रिव्ने स्थित परमाणु ऊर्जा संयंत्रों को बिजली देने वाले सबस्टेशनों को निशाना बनाया।

यूक्रेन का आरोप – जानबूझकर परमाणु सुरक्षा को बनाया निशाना

यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रेई सिबिहा ने रूस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, ये हमले गलती से नहीं हुए, रूस ने जानबूझकर यूरोप की परमाणु सुरक्षा को खतरे में डाला है।”

हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत और कई घायल हुए हैं। नीपर शहर में एक ड्रोन के आवासीय इमारत पर गिरने से तीन लोगों की जान गई, जबकि ज़ापोरिज्जिया में तीन और खार्किव में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है।

ऊर्जा तंत्र पर भारी असर, हजारों घर अंधेरे में

यूक्रेन की प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीडेंको ने बताया कि हमलों के चलते कीव, पोल्टावा और खार्किव क्षेत्रों में ऊर्जा ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है।

  • हजारों घरों में बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हुई।

  • पोल्टावा में जल आपूर्ति बनाए रखने के लिए जनरेटरों का सहारा लिया जा रहा है।

  • सरकारी ऊर्जा कंपनी त्सेंट्रेनेर्गो ने बताया कि फरवरी 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद यह सबसे बड़ा हमला है।

कंपनी ने कहा कि दुश्मन ने सभी उत्पादन संयंत्रों को एक साथ निशाना बनाया, जिससे कई जगह आग लग गई और बिजली उत्पादन शून्य हो गया। त्सेंट्रेनेर्गो यूक्रेन की कुल बिजली का लगभग 8% उत्पादन करती है, ऐसे में हमले से राष्ट्रीय पावर ग्रिड पर बड़ा असर पड़ा है।

परमाणु सुरक्षा पर मंडराया खतरा

विदेश मंत्री सिबिहा ने अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) से तत्काल बैठक बुलाने की मांग की है। उन्होंने भारत और चीन से अपील की कि वे रूस पर दबाव डालें ताकि ऐसे हमले रोके जा सकें। सिबिहा ने चेताया कि अगर इस तरह के हमले जारी रहे तो किसी भी वक्त विनाशकारी परमाणु दुर्घटना हो सकती है।

गौरतलब है कि रूस ने पहले भी ज़ापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र के पास गोलाबारी की थी, जिससे पूरे यूरोप में रेडिएशन का खतरा बढ़ गया था।

रूस ने कहा – यह जवाबी कार्रवाई थी

दूसरी ओर, रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह हमला कीव द्वारा रूस के अंदर किए गए ड्रोन हमलों का जवाब था। मंत्रालय के अनुसार, रूसी सेना ने हथियार उत्पादन इकाइयों, गैस और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए उच्च-सटीक लंबी दूरी के हथियारों से हमला किया।

ज़ेलेंस्की की अपील – रूस पर लगे और कड़े प्रतिबंध

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से रूस के ऊर्जा क्षेत्र पर सख्त प्रतिबंध लगाने की अपील की है।
उन्होंने दावा किया कि रूस ने एक ही रात में 450 ड्रोन और 45 मिसाइलें दागीं। यूक्रेनी वायुसेना ने इनमें से 406 ड्रोन और 9 मिसाइलें गिराने का दावा किया, हालांकि 26 मिसाइल और 52 ड्रोन अपने लक्ष्यों पर गिरे और 25 ठिकानों पर तबाही मचाई।

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Author: News Rastra

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