वाराणसी I प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के मरीजों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल ने OPD फीस में बढ़ोतरी का फैसला किया है। अब अस्पताल में पर्चा बनवाने की फीस 30 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये कर दी गई है। साथ ही OPD पर्चे की वैधता अवधि अब 6 महीने के बजाय 1 वर्ष कर दी गई है। नई दरें 20 नवंबर से लागू होंगी। बीएचयू के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. ओम शंकर ने इस निर्णय पर नाराजगी जताई है।
डॅा ओम शंकर ने कहा कि देश स्वास्थ्य क्रांति और स्वास्थ्य को मौलिक अधिकार बनाने की बात कर रहा है, लेकिन उसी देश में सरकारी संस्थानों में इलाज लगातार महंगा किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, पहले जिस समय बीएचयू का सालाना बजट 2 करोड़ था, तब मरीजों को मुफ्त दवा, मुफ्त जांच और मुफ्त खाना मिलता था। आज बजट 400 करोड़ रुपये हो चुका है, लेकिन सुविधाएं कम हो गई हैं। अब न दवा मुफ्त मिलती है, न जांच, और न ही खाना। पर्चा पहले 10 रुपये, फिर 30 रुपये, और अब 50 रुपये कर दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि बढ़ी हुई रकम आखिर जा कहां रही है?
जांच महंगी, सुविधाएं कम
डॉक्टर ने आरोप लगाया कि जिन जांचों की कीमत पहले 100 रुपये थी, वे अब 300–400 रुपये में की जा रही हैं। यह सामान्य महंगाई दर से कहीं अधिक बढ़ोतरी है, जो गहरी गड़बड़ी की ओर इशारा करती है।
उन्होंने कहा, सरकार पैसा दे रही है, लेकिन सुविधाएं लगातार कम हो रही हैं। यह सीधे-सीधे भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।”
अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप
डॉ. ओम शंकर ने अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन “संगठित लूट” में शामिल है, चिकित्सा अधीक्षक पर आपराधिक मामले दर्ज हैं फिर भी उसे पद से नहीं हटाया जा रहा। पूरी व्यवस्था भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि पुराने भवनों को तोड़ने और नए निर्माण में भी बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं।
मरीजों पर बढ़ेगा बोझ
OPD फीस में बढ़ोतरी और जांच की बढ़ी कीमतों के कारण आम मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ना तय माना जा रहा है। वाराणसी और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में गरीब और मध्यमवर्गीय लोग बीएचयू में इलाज कराने आते हैं। ऐसे में यह बदलाव उनकी जेब पर सीधा असर डालेंगे।
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