वाराणसी I शिवपुर थाना क्षेत्र में एक अधिवक्ता सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती के कारण बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए। पीड़ित अधिवक्ता निमिष कौण्डिन्य ने बुधवार को शिवपुर थाने में आईटी एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
फेसबुक पर दोस्ती और विश्वास का खेल
अधिवक्ता ने पुलिस को बताया कि उनकी फेसबुक पर सोहनी शर्मा नाम की एक महिला से दोस्ती हुई थी। बातचीत बढ़ने पर महिला ने खुद को बेंगलुरु की एक टेक्सटाइल कंपनी में फैशन डिजाइनर बताया। रोजाना बातचीत और मीठी बातों ने पीड़ित का भरोसा जीत लिया।
‘क्लब 21’ पर कमाई का लालच
कुछ समय बाद महिला ने उन्हें सिंगापुर के कथित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म “क्लब 21” पर प्रोडक्ट की रेटिंग कर बड़ा कमीशन कमाने का लालच दिया। महिला ने भरोसा बढ़ाने के लिए व्हाट्सएप पर डेमो वीडियो और एक लिंक भी भेजा, जिससे अधिवक्ता को लगा कि प्लेटफॉर्म असली है।
4.17 लाख रुपये ले उड़े ठग
उच्च मुनाफे के झांसे में आकर अधिवक्ता ने अलग-अलग UPI आईडी और बैंक खातों में 4,17,348 रुपये जमा कर दिए।
लेकिन न कोई कमीशन मिला, न मूल रकम वापस हुई। जब अधिवक्ता ने महिला से पैसे लौटाने के लिए कहा, तो उसने साफ इनकार कर दिया और बाद में संपर्क पूरी तरह तोड़ दिया।
पुलिस ने शुरू की जांच
थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार सोनकर ने बताया कि यह साइबर ठगी का मामला है। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस ठगों के बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और UPI आईडी की जांच कर रही है।










