भारत के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान तेजी से चल रहा है। इनमें केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य शामिल हैं, जहाँ अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसी SIR प्रक्रिया के दौरान कई राज्यों में विपक्ष द्वारा आरोप लगाए गए कि वैध मतदाताओं के नाम भी सूची से हटाए जा रहे हैं। बिहार में भी ऐसा मामला सामने आया था, जबकि यूपी और बंगाल में भी विपक्ष यही मुद्दा उठा रहा है। बंगाल में टीएमसी ने तो यह दावा तक किया कि अत्यधिक काम के दबाव की वजह से BLO आत्महत्या तक कर रहे हैं।
चुनाव आयोग ने बढ़ाई सैलरी, दोगुना हुआ मानदेय
इलेक्शन कमीशन ने SIR अभियान में जुटे कर्मचारियों के लिए बड़ा कदम उठाते हुए BLO और BLO सुपरवाइजर की सैलरी दोगुनी कर दी है।
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बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की सैलरी अब 6,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये कर दी गई है।
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BLO सुपरवाइजर का वेतन 12,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया गया है।
वहीं AERO और ERO के वेतन में वृद्धि नहीं की गई है।
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AERO को अब 25,000 रुपये मानदेय मिलेगा।
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ERO को 30,000 रुपये मानदेय दिया जाएगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
चुनाव आयोग की नोटिस में बताया गया है कि इलेक्टोरल रोल लोकतंत्र की रीढ़ है। इसे तैयार करने में BLO, सुपरवाइजर, AERO और ERO की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ये कर्मचारी पारदर्शी और निष्पक्ष मतदाता सूची तैयार करने के लिए लगातार फील्ड में काम करते हैं, इसलिए आयोग ने इनकी मेहनत को ध्यान में रखते हुए सैलरी बढ़ाने का निर्णय लिया।
पिछली बार ऐसा बदलाव 2015 में किया गया था।
बिहार में मिला था स्पेशल इंसेंटिव
SIR प्रक्रिया की शुरुआत बिहार से हुई थी, जिसके दौरान आयोग ने BLOs को 6,000 रुपये का स्पेशल इंसेंटिव देने का भी फैसला किया था। यह कदम उन कर्मचारियों के समर्पण को दर्शाता है, जो बिना थके मतदाता सूची दुरुस्त रखने और चुनावी प्रक्रिया को मजबूत बनाने में लगे रहते हैं।
कितनी बढ़ी सैलरी? (एक नजर में)
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BLO सैलरी: 6,000 → 12,000 रुपये
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BLO इंसेंटिव: 1,000 → 2,000 रुपये
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BLO सुपरवाइजर सैलरी: 12,000 → 18,000 रुपये
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AERO मानदेय: अब मिलेगा 25,000 रुपये
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ERO मानदेय: 30,000 रुपये










