उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में बुधवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। नेशनल हाईवे-9 पर रजबपुर और अतरासी के बीच तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े एक डीसीएम ट्रक में जा घुसी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार चारों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मरने वाले सभी लोग श्री वेंकटेश्वरा यूनिवर्सिटी के डॉक्टर छात्र बताए जा रहे हैं।
तेज रफ्तार बनी मौत का कारण
जानकारी के अनुसार हादसा रात करीब 10 बजे फ्लाईओवर के पास हुआ। चारों युवक मेरठ से गाजियाबाद लौट रहे थे। रास्ते में अचानक कार ने नियंत्रण खो दिया और सड़क किनारे बिना संकेत के खड़े डीसीएम में जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। बताया जा रहा है कि डीसीएम माल से भरा हुआ था और अंधेरे में बिना किसी चेतावनी के खड़ा था, जिससे यह हादसा हुआ।
टक्कर के बाद डीसीएम चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस अब उसकी तलाश में जुटी है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही रजबपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कार में फंसे शवों को निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात को सामान्य कराया गया।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि सड़क किनारे खड़े ट्रकों के कारण होने वाले हादसे लगातार देखने को मिल रहे हैं। ऐसे मामलों में कार्रवाई भी की जाती है, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है।
पहली बार नहीं हुआ ऐसा हादसा
यह कोई पहला मामला नहीं है जब खड़े ट्रक से टकराकर किसी वाहन ने जान गंवाई हो। हाईवे पर अंधेरे में बिना रिफ्लेक्टर या संकेत के खड़े भारी वाहनों के कारण अक्सर बड़े हादसे होते हैं, जिनमें कई लोग अपनी जान खो देते हैं।
अमरोहा की इस घटना ने एक बार फिर हाईवे सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस दुर्घटना के सही कारणों की जांच कर रही है।










