महाराष्ट्र। राज्य में हुए 288 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव परिणामों ने सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन को महाराष्ट्र की अविवादित राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित कर दिया है। कुल 288 निकायों में से महायुति ने 215 पर जीत दर्ज की है। इनमें भारतीय जनता पार्टी 129 निकायों के साथ सबसे आगे रही, जबकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 51 और अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने 35 निकायों पर कब्जा जमाया।
इसके उलट विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। एमवीए कुल मिलाकर सिर्फ 51 निकायों तक सिमट गई। कांग्रेस ने 35 निकायों में जीत के साथ अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) को 9 और शरद पवार गुट की एनसीपी को केवल 7 निकायों से ही संतोष करना पड़ा।
क्षेत्रवार तस्वीर: कहां किसने मारी बाजी
विदर्भ (100 निकाय)
भाजपा – 58 | शिवसेना (शिंदे) – 8 | एनसीपी (अजित पवार) – 7 | कांग्रेस – 23 | अन्य – 4
मराठवाड़ा (52 निकाय)
भाजपा – 25 | शिवसेना – 8 | एनसीपी – 6 | कांग्रेस – 4 | यूबीटी – 4 | शरद पवार – 2 | अन्य – 3
उत्तर महाराष्ट्र (49 निकाय)
भाजपा – 18 | शिवसेना – 11 | एनसीपी – 7 | कांग्रेस – 5 | यूबीटी – 2 | शरद पवार – 1 | अन्य – 5
पश्चिम महाराष्ट्र (60 निकाय)
भाजपा – 19 | शिवसेना – 14 | एनसीपी – 14 | कांग्रेस – 3 | यूबीटी – 1 | शरद पवार – 3 | अन्य – 6
कोंकण (27 निकाय)
भाजपा – 9 | शिवसेना – 10 | एनसीपी – 1 | यूबीटी – 2 | शरद पवार – 1 | अन्य – 4
पूरे महाराष्ट्र में नगराध्यक्ष/सदस्य स्थिति
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भाजपा: 129 नगराध्यक्ष / 3325 सदस्य
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शिवसेना (शिंदे): 51 / 695
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एनसीपी (अजित पवार): 35 / 311
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कांग्रेस: 35 / 131
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शिवसेना (यूबीटी): 9 / 378
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एनसीपी (शरद पवार): 7 / 153
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अन्य: 22 / 140
नांदेड़ में भाजपा को बड़ा झटका, परिवारवाद का दांव पड़ा भारी
जहां एक ओर राज्यभर में महायुति की जीत का जश्न है, वहीं नांदेड़ जिले की लोहा नगर परिषद में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा। विपक्ष पर अक्सर ‘परिवारवाद’ का आरोप लगाने वाली भाजपा ने यहां एक ही परिवार के छह सदस्यों को टिकट देकर बड़ा दांव खेला था, जिसे मतदाताओं ने पूरी तरह नकार दिया।
नगराध्यक्ष पद के उम्मीदवार गजानन सूर्यवंशी समेत उनके परिवार के अन्य पांच सदस्य अलग-अलग वार्डों से चुनाव हार गए। इनमें उनकी पत्नी, भाई, भाभी, साले और भतीजे की पत्नी शामिल थे।
इसका सीधा फायदा अजित पवार गुट की एनसीपी को मिला। विधायक प्रतापराव पाटिल चिखलीकर के नेतृत्व में एनसीपी ने लोहा नगर परिषद में नगराध्यक्ष पद सहित कुल 17 सीटों पर कब्जा जमाया। शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस को यहां केवल एक-एक सीट से संतोष करना पड़ा।
राजनीतिक संदेश
कुल मिलाकर नतीजे महायुति के पक्ष में गए हैं, लेकिन नांदेड़ की हार को भाजपा के लिए एक स्पष्ट संदेश और सबक के रूप में देखा जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर परिवारवाद जैसे प्रयोग मतदाताओं को रास नहीं आते।










