VDA का बड़ा एक्शन, 64 बीघा में फैली अवैध प्लाटिंग पर चला बुलडोज़र

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वाराणसी। शहर में अनियंत्रित और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक साथ तीन जोनों में बड़ी ध्वस्तीकरण कार्रवाई की। उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के निर्देश और सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा के नेतृत्व में चले विशेष अभियान के तहत कुल 64 बीघा क्षेत्रफल में विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया।

VDA की जोन-1, जोन-2 और जोन-3 की प्रवर्तन टीमों ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की। प्राधिकरण के अनुसार, क्षेत्र में 200 से अधिक अवैध प्लॉट चिन्हित किए गए हैं, जिन पर चरणबद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।

जोन-1 (शिवपुर वार्ड): 43 बीघा से अधिक पर कार्रवाई

  • मौजा तरना (पेट्रोल पंप के पीछे): अज्ञात द्वारा करीब 32 बीघा

  • मौजा सातोमहुआ (पावर हाउस के उत्तर): करीब 6 बीघा

  • मौजा उंदी/सुतबलपुर: करीब 0.796 बीघा

  • मौजा अनौरा/गोसाईपुर: पुरुषोत्तम व रविन्द्र अग्रवाल द्वारा करीब 4.5 बीघा

इन सभी स्थलों पर बिना ले-आउट स्वीकृति के प्लाटिंग विकसित की जा रही थी। पूर्व में नोटिस देने के बाद 21 दिसंबर को घोषणा कर धारा-27(1) के तहत ध्वस्तीकरण किया गया।

जोन-2 (सारनाथ वार्ड): कई स्थानों पर बुलडोज़र

  • हिरावानपुर (हवेलिया क्रॉसिंग आगे): गोपाल यादव (1.791 बीघा), राजू गुप्ता (1 बीघा)

  • हवेलिया चौराहा–रेलवे क्रॉसिंग: राजेश पटेल (0.477 बीघा)

  • अरहिंत नगर कॉलोनी: अज्ञात (0.796 बीघा)

  • सिंहपुर, रिंग रोड: मनोज व राजेश पटेल (1.194 बीघा), अज्ञात (3.184 बीघा)

  • हदयपुर (साईं ब्रह्मा बाबा मंदिर): प्रदीप उर्फ बबलू नेता (1.194 बीघा)

  • साईं उदयपुर (मौर्या गुड फैक्ट्री): गजानंद तिवारी (0.597 बीघा)

यहां भी नोटिस के बाद धारा-27(1) के तहत कार्रवाई की गई।

जोन-3 (दशाश्वमेध वार्ड): मोहनसराय में ध्वस्तीकरण

  • मौजा मोहनसराय/मिल्किचक: अंकित गुप्ता द्वारा करीब 5 बीघा

अधिकारियों की मौजूदगी

मौके पर अपर सचिव डॉ. गुडाकेश शर्मा, नगर नियोजक प्रभात कुमार, जोनल अधिकारी (जोन-1) सौरभ जोशी, अधीक्षण अभियंता अजय पवार, अधिशासी अभियंता अरविन्द शर्मा, लाला सतीश सुमन सहित सभी जोनों के अधिकारी और अभियंता मौजूद रहे।

VDA की जनता से अपील

  • भूमि खरीदने से पहले लैंडयूज (आवासीय) अवश्य जांचें।

  • पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 9 मीटर होनी चाहिए।

  • ले-आउट स्वीकृति के बाद ही प्लॉटिंग/विक्रय करें।

  • ले-आउट जमा करने पर 7 दिनों के भीतर स्वीकृति दी जाएगी।

  • बिना स्वीकृत मानचित्र निर्माण करने पर सख्त कार्रवाई होगी।

VDA ने स्पष्ट किया है कि अवैध प्लाटिंग के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कदम उठाए जाएंगे।

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Author: News Rastra

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