नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026-27 में स्वास्थ्य क्षेत्र को सरकार ने बड़ी प्राथमिकता दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के इस बजट का फोकस सस्ती दवाओं, बेहतर इलाज और भारत को वैश्विक बायोफार्मा हब बनाने पर रहा। मधुमेह और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को राहत देने के साथ-साथ हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और रिसर्च को भी मजबूती देने की दिशा में कई अहम घोषणाएं की गई हैं।
भारत को बायोफार्मा हब बनाने की तैयारी
बजट में ‘बायोफार्मा शक्ति पहल’ की शुरुआत का ऐलान किया गया है। इसके तहत अगले पांच सालों में करीब ₹10,000 करोड़ का निवेश किया जाएगा। इस योजना का मकसद बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर दवाओं के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना, आयात पर निर्भरता कम करना और भारत को दवाओं का ग्लोबल सप्लायर बनाना है।
शुगर और कैंसर की दवाएं होंगी सस्ती
बायोफार्मा सेक्टर को बढ़ावा मिलने से मधुमेह और कैंसर जैसी बीमारियों की दवाओं की लागत घटने की उम्मीद है। घरेलू स्तर पर उत्पादन बढ़ने से दवाएं सस्ती होंगी, जिससे मरीजों का इलाज आसान होगा और स्वास्थ्य खर्च का बोझ भी कम पड़ेगा।
फार्मा शिक्षा और रिसर्च को नई ताकत
सरकार ने बजट में तीन नए राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान खोलने और सात मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड करने का प्रस्ताव रखा है। इससे फार्मा शिक्षा, रिसर्च और इनोवेशन को नई दिशा मिलेगी।
1000 क्लिनिकल ट्रायल साइट्स का नेटवर्क
देशभर में 1000 मान्यता प्राप्त क्लिनिकल ट्रायल साइट्स का नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इससे दवा परीक्षण और नई थेरेपी को तेजी से मंजूरी मिलने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही जिला अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार कर इमरजेंसी सेवाओं को मजबूत किया जाएगा।
मेडिकल हब और नए एम्स
बजट में पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाने की घोषणा की गई है, जहां इलाज के साथ-साथ ट्रेनिंग और रिसर्च पर काम होगा। इसके अलावा देश में तीन नए एम्स (AIIMS) स्थापित किए जाएंगे। मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मेंटल हेल्थ संस्थानों को भी सशक्त बनाने का ऐलान किया गया है।
आयुर्वेद और एलाइड हेल्थ पर फोकस
एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए मौजूदा संस्थानों के उन्नयन के साथ नए संस्थान खोले जाएंगे। साथ ही देश में तीन नए आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना की जाएगी।
कुल मिलाकर, हेल्थ बजट 2026 में सरकार ने सस्ती दवाओं, मजबूत स्वास्थ्य ढांचे और रिसर्च पर जोर देकर आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।










