लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू होकर 20 फरवरी तक चलेगा। सत्र से पहले ही प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बजट सत्र से एक दिन पहले रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि बीजेपी को नए बजट की उपलब्धियों का बखान करने से पहले पिछले बजट की सच्चाई जनता के सामने रखनी चाहिए। उन्होंने लिखा,
“इससे पहले कि भाजपा अगले बजट का झूठ बखाने, उससे पहले जनता का हक़ बनता है कि पिछले बजट की सच्चाई जाने। भाजपाई आत्मप्रचार का बजट शत-प्रतिशत से भी ज़्यादा ख़र्च करते हैं।”
बजट सत्र से पहले सपा विधायकों के साथ बैठक
बजट सत्र की शुरुआत से पहले अखिलेश यादव ने पार्टी मुख्यालय में समाजवादी पार्टी के विधायकों के साथ अहम बैठक की। बैठक में उन्होंने सत्र के दौरान सरकार को घेरने की रणनीति साझा की। इस दौरान संगठनात्मक मुद्दों के साथ-साथ चुनावी प्रक्रिया और कथित गड़बड़ियों को लेकर भी चर्चा हुई।
वोटर लिस्ट को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पहले ही फॉर्म-7 को लेकर सवाल उठा चुकी है। उनका आरोप है कि सरकार ने कुछ पेशेवर एजेंसियों को हायर किया है, जो दिल्ली, लखनऊ सहित देश के विभिन्न हिस्सों से वोटर लिस्ट का विश्लेषण कर रही हैं। अखिलेश के मुताबिक, ये एजेंसियां मतदाता सूची के आधार पर उन बूथों की पहचान कर रही हैं, जहां सपा का प्रदर्शन मजबूत रहा है।
बजट सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक
उधर, बजट सत्र से पहले रविवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में सर्वदलीय बैठक भी आयोजित की गई। इसमें सत्तारूढ़ भाजपा के साथ कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में सदन के सुचारु संचालन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
गौरतलब है कि योगी सरकार 11 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट विधानसभा में पेश करेगी। ऐसे में बजट सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के आसार हैं।










