बांग्लादेश में आज आम चुनाव के लिए मतदान हो रहा है, लेकिन चुनावी प्रक्रिया को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने चुनाव को “दिखावटी” करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील की है।
‘डर और हिंसा के साए में हो रहा मतदान’
अवामी लीग का आरोप है कि देश में भय और हिंसा का माहौल बनाकर वोटिंग कराई जा रही है। पार्टी का कहना है कि यह चुनाव सिर्फ अवामी लीग को सत्ता से बाहर रखने की कोशिश नहीं है, बल्कि उन सभी राजनीतिक दलों को हाशिये पर धकेलने की साजिश है जो कट्टरपंथी विचारधाराओं का विरोध करते हैं और एक उदारवादी राष्ट्र की वकालत करते हैं।
पार्टी के मुताबिक, लाखों मतदाताओं को अवामी लीग से जुड़ी राजनीतिक सोच के कारण धमकियां दी जा रही हैं। उन्हें डराने, धमकाने और कथित रूप से प्रताड़ित कर उनकी मर्जी के खिलाफ वोट डालने के लिए मजबूर किया जा रहा है। अवामी लीग ने इसे वोटर टर्नआउट बढ़ाने की सोची-समझी रणनीति बताया है।
पत्रकारों और एक्टिविस्टों पर कार्रवाई का आरोप
अवामी लीग ने दावा किया है कि कई पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और एंटी-वॉर क्राइम कैंपेनर्स को झूठे मामलों में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। पार्टी का कहना है कि जेलों में बड़ी संख्या में उसके समर्थक बंद हैं।
इसके अलावा, पार्टी ने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक समुदायों को निशाना बनाया जा रहा है और उन्हें अवामी लीग समर्थक बताकर हिंसा का शिकार बनाया जा रहा है। महिलाओं को भी राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया से बाहर रखने का आरोप लगाया गया है, जबकि वे मतदाताओं का लगभग आधा हिस्सा हैं।
पुलिस स्टेशनों से हथियार लूटे जाने का दावा
अवामी लीग के मुताबिक, देश में सैकड़ों पुलिस स्टेशनों पर हमले हुए और वहां से हजारों हथियार लूटे गए, जो अब तक बरामद नहीं किए गए हैं। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव कार्यक्रम घोषित होने से पहले कई दोषी उग्रवादियों को जेल से रिहा कर दिया गया।
पार्टी का कहना है कि उसके विरोधी संगठनों, जिनमें जमात-ए-इस्लामी का नाम भी लिया गया, को हिंसा करने की खुली छूट दी गई है। साथ ही, तथाकथित जनमत संग्रह (रेफरेंडम) के जरिए सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल कर ‘हां’ वोट के पक्ष में प्रचार करने का भी आरोप लगाया गया है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील
अवामी लीग ने विदेशी पर्यवेक्षकों और अंतरराष्ट्रीय हितधारकों से अपील की है कि वे चुनावी प्रक्रिया में सामने आ रही कथित अनियमितताओं और दुरुपयोग को निष्पक्ष रूप से उजागर करें। पार्टी का कहना है कि अगर इन आरोपों को नजरअंदाज किया गया तो देश लंबे समय तक अस्थिरता की ओर बढ़ सकता है।
हालांकि, इन आरोपों पर सरकार या संबंधित पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। बांग्लादेश में जारी मतदान के नतीजे और उस पर उठने वाले सवाल आने वाले दिनों में देश की राजनीति की दिशा तय करेंगे।










