सीतापुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी पर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि वैचारिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन किसी की मां का अपमान करना बिल्कुल अस्वीकार्य है।
उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ की मां केवल उनकी नहीं बल्कि हम सभी की मां के समान हैं और उनके बारे में अपमानजनक टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। शंकराचार्य ने कहा कि संबंधित मजहब के लोगों को अपने मौलाना को समझाना चाहिए, क्योंकि ऐसी भाषा से उनका मजहब भी छोटा महसूस होता है।
मौलाना के बयान की निंदा
शंकराचार्य ने कहा कि चाहे कोई मौलाना हो या पंडित, किसी को भी किसी की मां के बारे में अपशब्द बोलने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि हिंदू परंपरा में मां का दर्जा सर्वोच्च माना गया है और इस्लाम में भी मां को सबसे ऊंचा स्थान दिया गया है।
उन्होंने कहा, “मां के स्तर तक जाने की किसी को जरूरत नहीं है। आदित्यनाथ जी की मां के बारे में जिसने भी गलत बोला है, हम उसकी कड़ी भर्त्सना करते हैं।”
गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा पर निकले हैं शंकराचार्य
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने 7 मार्च को काशी से अपनी ‘गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा’ की शुरुआत की थी। इस यात्रा के तहत वे विभिन्न स्थानों पर जाकर धर्मसभा और संवाद कार्यक्रम कर रहे हैं।
सोमवार को वे सीतापुर के प्राचीन तीर्थ नैमिषारण्य पहुंचे, जहां उन्होंने ललिता देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की और वहीं रात्रि विश्राम किया। 11 मार्च को लखनऊ में उनकी धर्मसभा आयोजित होने वाली है।
मौलाना पर दर्ज हुआ केस
गौरतलब है कि बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सालिम द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी किए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में बलरामपुर में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही उत्तर प्रदेश के कई जिलों में उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं।
राजनीतिक आरोपों पर भी दिया जवाब
इस दौरान शंकराचार्य ने उन आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी, जिनमें कहा गया था कि वे किसी राजनीतिक दल के प्रभाव में बयान देते हैं। उन्होंने कहा कि कोई उनका शिष्य बन जाए यह अलग बात है, लेकिन शंकराचार्य किसी के कहने पर बोलें, ऐसे दिन अभी नहीं आए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे स्वतंत्र रूप से अपने विचार रखते हैं।










