नाव हाइजैक कर की गई गंगा में इफ्तार पार्टी, कोर्ट में रो पड़े आरोपी, पुलिस का बड़ा खुलासा

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वाराणसी। गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी के मामले में गुरुवार को बड़ा मोड़ सामने आया। काशी पुलिस ने कोर्ट में दावा किया कि आरोपियों ने नाव को हाईजैक कर लिया था और नाविक का अपहरण कर जबरन गंगा के बीच इफ्तार पार्टी की थी।

इस मामले में गिरफ्तार 14 युवकों को गुरुवार रात करीब 8 बजे सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। परिवार की ओर से दाखिल जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों की बेल खारिज कर दी और उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। अब इस मामले में अगली सुनवाई 1 अप्रैल को होगी।

कोर्ट में रो पड़े आरोपी

सुनवाई के दौरान कुछ आरोपी कोर्ट में भावुक हो गए और माफी मांगने लगे। सरकारी अधिवक्ता शशांक शेखर के मुताबिक, सभी आरोपी कान पकड़कर जज से रिहाई की गुहार लगा रहे थे। हालांकि, कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।

पुलिस का बड़ा खुलासा

पुलिस ने कोर्ट में बताया कि आरोपियों ने नाविक को धमकाकर बीच गंगा में नाव चलवाई। नाविक ने विरोध किया, लेकिन युवकों ने जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद जबरन नाव पर इफ्तार पार्टी की गई।

जांच में यह भी सामने आया कि पार्टी के फोटो और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए गए, ताकि एक खास संदेश दिया जा सके। वीडियो में मस्जिद और गंगा दोनों को दिखाते हुए कई एंगल से शूटिंग की गई थी। बिरयानी समेत खाने के वीडियो भी अलग से बनाए गए।

नई धाराएं जोड़ने की तैयारी

पुलिस ने नाविक के बयान और चश्मदीदों के आधार पर कोर्ट में नई धाराएं जोड़ने की अपील की है, जिसमें अपहरण जैसी गंभीर धाराएं भी शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि 16 मार्च को यह इफ्तार पार्टी गंगा नदी के बीच नाव पर आयोजित की गई थी। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया था, जिसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

विवाद के बाद बढ़ा मामला

वीडियो सामने आने के बाद हिंदूवादी संगठनों और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। इसके बाद मामला दर्ज हुआ और महज कुछ घंटों में पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया था।

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Author: News Rastra

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