वाराणसी। सारनाथ थाना क्षेत्र में दर्ज कफ सिरप तस्करी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नेटवर्क के सरगना शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद समेत कुल 10 आरोपितों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। इस मामले का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल फिलहाल दुबई में छिपा बताया जा रहा है, जिसकी तलाश तेज कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, अदालत ने शुभम जायसवाल को 30 मार्च तक पेश होने का निर्देश दिया है। यदि वह तय समय सीमा में पेश नहीं होता है, तो उसके खिलाफ कुर्की सहित अन्य सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच में सामने आया बड़ा नेटवर्क
कमिश्नरेट वाराणसी के अलग-अलग थानों में दर्ज कफ सिरप तस्करी के चार मामलों में से दो मामलों में पुलिस ने जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच के दौरान पुलिस को कई अहम दस्तावेज और सबूत मिले, जिनमें चेकबुक, फार्मा कंपनियों की मुहर, लेटर पैड, हस्ताक्षरित 120 बिल, एटीएम कार्ड, लैपटॉप और मोबाइल फोन शामिल हैं।
इन दस्तावेजों की जांच के बाद कानपुर और प्रयागराज सहित कई शहरों के कारोबारियों की संलिप्तता भी उजागर हुई है।
तकनीकी साक्ष्यों से खुली परतें
थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी के मुताबिक, इस मामले में ई-वे बिल, बैंक स्टेटमेंट, नगद जमा पर्चियां, बैंक के सीसीटीवी फुटेज, आयकर रिटर्न, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और कोडीन युक्त कफ सिरप की लैब रिपोर्ट जैसे तकनीकी साक्ष्यों ने पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया।
इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर शुभम जायसवाल समेत 10 आरोपियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार कर अदालत में पेश किया गया है।
आगे की कार्रवाई
चार्जशीट में वाराणसी, प्रयागराज और कानपुर के कई कारोबारी शामिल हैं, जिनकी भूमिका तस्करी नेटवर्क में पाई गई है। पुलिस अब फरार सरगना शुभम जायसवाल की गिरफ्तारी पर फोकस कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि अगर आरोपी तय समय में अदालत में पेश नहीं होता, तो उसकी संपत्ति कुर्क करने समेत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










