आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को आजमगढ़ में आयोजित एक जनसभा के दौरान समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए बेटियों के सम्मान को लेकर सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी बेटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उन्हें अखिलेश यादव की पुत्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियों की जानकारी मिली, तो उन्होंने तत्काल पुलिस अधिकारियों को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून सभी के लिए समान है और बेटियों के सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
योगी आदित्यनाथ ने कहा, “बेटी, बेटी होती है। हम उस संस्कृति और संस्कार में पले-बढ़े हैं, जहां कहा जाता है कि गांव की बेटी पूरे गांव की बेटी होती है और गांव की बहन सभी की बहन होती है। इसलिए किसी भी बेटी के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग स्वीकार्य नहीं है।”
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की कार्यशैली का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने कभी भी किसी व्यक्ति या परिवार के साथ भेदभाव नहीं किया। उन्होंने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि दूसरों को सीख देने से पहले अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को भी भाषा की मर्यादा और सामाजिक संस्कारों का पाठ पढ़ाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “दूसरों पर आरोप लगाने से पहले यह भी देखना चाहिए कि उनके अपने लोग बेटियों और बहनों के बारे में किस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उन्हें संस्कारित करना चाहिए। यदि वे ऐसा नहीं कर पा रहे हैं तो उन्हें हमारे हवाले कर दें, हम उन्हें अच्छी तरह समझा देंगे।”
मुख्यमंत्री के इस बयान को राजनीतिक रूप से समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला माना जा रहा है। जनसभा के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और सामाजिक मर्यादाओं के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी माहौल के बीच मुख्यमंत्री का यह बयान प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे सकता है।









