वाराणसी। दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत रविवार को प्रशासन ने 13 और मकानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी। इनमें नगर निगम द्वारा अति जर्जर घोषित पांच भवन और वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) द्वारा अवैध घोषित नौ मकान शामिल हैं। कार्रवाई से पहले शनिवार को क्षेत्र में मुनादी कराकर लोगों को मकान खाली करने की सूचना दी गई थी।
दालमंडी परियोजना के तहत अब तक 132 मकानों का ध्वस्तीकरण किया जा चुका है। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित भवन स्वामियों को पूर्व में नोटिस जारी किए जा चुके हैं और निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है।
हालांकि, इलाहाबाद हाईकोर्ट के हालिया आदेश के बाद कुछ मामलों में स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। न्यायालय ने दो प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई करते हुए 20 जुलाई तक यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है। ये भवन भी नगर निगम द्वारा जर्जर घोषित मकानों की श्रेणी में शामिल बताए जा रहे हैं।
इन जर्जर भवनों पर होगी कार्रवाई
नगर निगम ने सीके-43/119, सीके-43/121, सीके-43/115, डी-50/216 और डी-50/250 को अति जर्जर घोषित करते हुए ध्वस्तीकरण के लिए चिह्नित किया है। प्रशासन ने इन भवनों को तत्काल खाली करने की अपील की है।
वीडीए के अवैध घोषित भवन भी होंगे ध्वस्त
इसके अलावा वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा अवैध घोषित किए गए नौ भवनों पर भी बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है। इनमें सीके-43/123, सीके-43/173, सीके-68/1, डी-50/226, सीके-67/31 ए-1, डी-50/208, डी-50/203-के, सी-1/19 और सीके-40/66-3 शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार इन सभी भवनों के स्वामियों को पूर्व में नोटिस जारी किए जा चुके हैं और मुनादी के माध्यम से भी भवन खाली करने की सूचना दी गई थी।
प्रशासन का कहना है कि दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए ध्वस्तीकरण अभियान लगातार जारी रहेगा। परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया मार्ग विकसित किया जाएगा।









