लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद Akhilesh Yadav ने मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के प्रस्तावित जापान दौरे को लेकर तीखी टिप्पणी की है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि जब जापान जा ही रहे हैं तो क्योटो भी जरूर जाएं, ताकि समझ सकें कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र काशी को क्योटो जैसा क्यों नहीं बनाया जा सका या वहां की विरासत कैसे प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि जापान से ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित रखने और शहरों के समुचित विकास का सकारात्मक अनुभव लेकर लौटना चाहिए।
2027 चुनाव का भी जिक्र
अखिलेश ने 2027 के विधानसभा चुनाव का संदर्भ देते हुए कटाक्ष किया कि अपने कार्यकाल के अंतिम दौर में इस तरह का अध्ययन कितना असर डालेगा। उन्होंने इस दौरे को “मनसुख-पर्यटन” करार देते हुए कहा कि अगर सरकार इसे स्वीकार कर ले, तो कम से कम सच बोलने के लिए याद रखी जाएगी।
उन्होंने यह भी लिखा कि मुख्यमंत्री ‘वनस्पति के विशेष अध्ययन’ से व्यक्तिगत लाभ उठाएंगे या उसे अपने सहयोगियों से भी साझा करेंगे।
22 फरवरी से शुरू होगा दौरा
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी को सिंगापुर और जापान की यात्रा पर रवाना होंगे।
23 और 24 फरवरी को वे सिंगापुर में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से कई बैठकों और कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इसके बाद 25 और 26 फरवरी को वे जापान में विभिन्न औद्योगिक और तकनीकी कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
मैग्लेव ट्रेन की सवारी होगी खास आकर्षण
जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री अत्याधुनिक ‘मैग्लेव’ (मैग्नेटिक लेविटेशन) ट्रेन की सवारी भी करेंगे। यह ट्रेन चुंबकीय शक्ति के जरिए पटरियों से ऊपर हवा में तैरते हुए चलती है और हाईस्पीड परिवहन तकनीक का प्रतीक मानी जाती है।
बताया गया है कि मुख्यमंत्री इस ट्रेन में 100 किलोमीटर की परीक्षण यात्रा करेंगे, जिसमें 50 किलोमीटर का सफर आगे और 50 किलोमीटर वापसी का होगा।
सरकार के मुताबिक, यह दौरा केवल तकनीकी जानकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश में आधुनिक परिवहन ढांचे के विकास के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।










