लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर जारी चर्चा के दौरान गुरुवार को सियासी माहौल उस समय गरमा गया, जब केंद्रीय मंत्री Anupriya Patel और समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
बहस के दौरान अनुप्रिया पटेल ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा सरकार न तो जातीय गणना करा पाई और न ही केंद्र में समर्थन देने के बावजूद जातीय जनगणना सुनिश्चित कर सकी। सपा सांसदों के हस्तक्षेप के बीच उन्होंने तीखे लहजे में कहा- आपका तो बोलने का मुंह ही नहीं है।
इस दौरान सदन की कार्यवाही संभाल रहे पीठासीन अधिकारी Krishna Prasad Tenneti ने भी सपा सांसद Dharmendra Yadav को बैठने के लिए कहा, जिससे कुछ देर के लिए सदन में शोर-शराबा बढ़ गया।
OBC मुद्दे पर सरकार का बचाव
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के हित में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि OBC आयोग को संवैधानिक दर्जा देना और NEET में OBC आरक्षण लागू करना सरकार की बड़ी उपलब्धियां हैं।
उन्होंने विपक्षी दलों से अपील करते हुए कहा कि जब महिला आरक्षण कानून लागू हो जाए, तो OBC महिलाओं को टिकट देने में कंजूसी न करें। “हमारी ओर से संख्या लगातार बढ़ रही है, आपकी तरफ से भी बढ़नी चाहिए,” उन्होंने जोड़ा।
जनगणना पर भी दिया भरोसा
जातीय जनगणना के मुद्दे पर अनुप्रिया पटेल ने कहा कि जनगणना की प्रक्रिया चल रही है और इसके आंकड़े 31 मार्च 2027 तक सामने आ जाएंगे। उन्होंने दोहराया कि सरकार इस दिशा में प्रतिबद्ध है और जो काम पहले की सरकारें नहीं कर सकीं, वह वर्तमान सरकार कर रही है।
विपक्ष को दी नसीहत
अपने संबोधन के अंत में अनुप्रिया पटेल ने कहा कि अगर विपक्ष को लगता है कि इस विधेयक से किसी को चुनावी लाभ मिलेगा, तो उन्हें भी इसका समर्थन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि “यह नारी शक्ति को अधिकार देने का समय है, इसमें सभी दलों को सहयोग करना चाहिए।”









