नई दिल्ली: असम के मुख्यमंत्री की पत्नी पर टिप्पणी से जुड़े मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शुक्रवार को शीर्ष अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को राहत देने के बजाय सलाह दी कि वे अग्रिम जमानत के लिए गुवाहाटी हाईकोर्ट का रुख करें। कोर्ट के इस फैसले के बाद उनकी कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
दरअसल, पवन खेड़ा ने अपनी संभावित गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मंगलवार तक राहत देने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया। इससे पहले 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना हाईकोर्ट द्वारा दी गई एक हफ्ते की ट्रांजिट बेल पर भी रोक लगा दी थी।
मामले की सुनवाई जस्टिस जे.के. महेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की बेंच ने की। सुनवाई के दौरान खेड़ा की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि उन्हें कम से कम मंगलवार तक सुरक्षा दी जाए ताकि वे हाईकोर्ट में अपील कर सकें।
सिंघवी ने कोर्ट में कहा, “आज शुक्रवार है, मैं सोमवार को हाईकोर्ट जाऊंगा। क्या मुझे इतनी भी राहत नहीं मिल सकती?” हालांकि, कोर्ट ने उनकी दलील को स्वीकार नहीं किया और याचिका खारिज कर दी।
अब पवन खेड़ा को राहत के लिए गुवाहाटी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा। इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज कर दी है।









