ललितपुर/झांसी: पाली तहसील की ग्राम पंचायत ऐरावनी में शुक्रवार को ग्रामीणों ने वित्तीय साक्षरता की बारीकियां सीखीं और साथ ही साइबर फ्रॉड से बचने के कारगर उपाय भी समझे। यह जागरूकता कार्यक्रम बजाज फाइनेंस लिमिटेड के ‘अर्थसूत्र संवाद’ अभियान के तहत आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य लोगों में बचत, जिम्मेदार वित्तीय प्रबंधन और साइबर सुरक्षा की समझ विकसित करना है।
साइबर इंस्पेक्टर की चेतावनी
कार्यक्रम के दौरान साइबर इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ने कहा, “धोखेबाज अक्सर रातों-रात पैसा दोगुना करने का लालच देकर लोगों को फंसाते हैं। किसी भी अनजान कॉल, एसएमएस या लिंक पर भरोसा न करें और अपने पैसों की सुरक्षा के लिए केवल बैंकिंग चैनलों का ही इस्तेमाल करें।”
मोबाइल और सोशल मीडिया फ्रॉड से सावधान
पाली तहसील के साइबर प्रभारी आदेश कुमार राणा ने ग्रामीणों को समझाया कि ठग सोशल मीडिया और मोबाइल के जरिए सस्ते सामान या फर्जी निवेश योजनाओं का झांसा देकर लोगों को शिकार बनाते हैं। उन्होंने सलाह दी कि धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं।
साइबर टीम ने किए फर्जी स्कैम उजागर
साइबर सेल अधिकारियों गौतम पूनिया, सत्येंद्र कुमार राय, मनीष शुक्ला और प्रशांत यादव ने ग्रामीणों को डिजिटल अरेस्ट स्कैम, व्हाट्सएप फर्जी ग्रुप और ऑनलाइन निवेश ठगी जैसे मामलों की जानकारी दी। उन्होंने सभी से 1930 नंबर याद रखने और तुरंत रिपोर्ट करने की अपील की।
ग्राम प्रधान का संदेश
ग्राम प्रधान अर्जुन सिंह और पूर्व प्रधान जयपाल सिंह राजपूत ने ग्रामीणों से कहा, “खर्च करना जरूरी है, लेकिन बचत के बिना भविष्य सुरक्षित नहीं होता। यदि हर परिवार बचत की आदत डाले तो गांव ही नहीं, देश भी आर्थिक रूप से मजबूत बनेगा।”
क्यों खास है ‘अर्थसूत्र संवाद’?
बजाज फाइनेंस का यह कार्यक्रम RBI की वित्तीय साक्षरता पहल का हिस्सा है। इसके जरिए लोगों को बचत की आदत, आपातकालीन फंड की अहमियत, जिम्मेदार उधारी, वित्तीय अनुशासन और साइबर ठगी से बचाव की जानकारी दी जाती है। कंपनी का लक्ष्य है कि आगे आस-पास के गांवों में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।










