मुंबई। देश में सिलेंडर की किल्लत और गैस आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपना लिया है। मुंबई में ठग गैस कंपनी के नाम पर लोगों को निशाना बनाकर लाखों-करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे हैं।
गैस के नाम पर रचा जा रहा साइबर जाल
साइबर ठग खुद को महानगर गैस लिमिटेड का अधिकारी बताकर लोगों को कॉल और मैसेज करते हैं। वे गैस बिल बकाया होने और कनेक्शन काटने की धमकी देकर लोगों में डर पैदा करते हैं।
बीते एक महीने में ऐसे कई मामलों में करीब 1 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी सामने आ चुकी है।
APK फाइल बना ठगी का नया हथियार
ठग पहले लोगों को “बिल अपडेट” के नाम पर एक APK फाइल भेजते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को डाउनलोड कर इंस्टॉल करता है, उसके मोबाइल में मालवेयर सक्रिय हो जाता है।
इसके बाद ठग आसानी से बैंक डिटेल्स, ओटीपी और फोन का पूरा एक्सेस हासिल कर लेते हैं, जिससे खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं।
कुछ ही मिनटों में लाखों की ठगी
मुलुंड पश्चिम के एक 20 वर्षीय व्यापारी इस गिरोह का शिकार बने। गैस कनेक्शन बंद करने के मैसेज के बाद उन्होंने 1150 रुपये का भुगतान किया, लेकिन APK फाइल डाउनलोड करते ही उनके खाते से 11.82 लाख रुपये गायब हो गए।
इसी तरह मालाड पूर्व में एक 75 वर्षीय बुजुर्ग के खाते से महज 20 मिनट में 8.59 लाख रुपये निकाल लिए गए।
पुलिस की चेतावनी और बचाव के उपाय
साइबर पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों के मुताबिक, कोई भी गैस कंपनी APK फाइल के जरिए भुगतान या अपडेट नहीं करवाती है।
बचाव के लिए ध्यान रखें:
- किसी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करें
- केवल आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही भुगतान करें
- संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें
- ठगी होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें










