बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (30 अक्टूबर) को कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) पर जोरदार निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “लालटेन युग के लोग बिहार को बिजली नहीं दे सकते।” प्रधानमंत्री मोदी ने लालू प्रसाद यादव के शासनकाल को “जंगलराज” करार देते हुए कहा कि उस दौर में बिहार में कानून-व्यवस्था की हालत बेहद खराब थी।
जंगलराज पर बोले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, “बिहार में एक समय ऐसा था जब सिर्फ 40 हजार रुपये के लिए किसी का अपहरण कर लिया जाता था। जंगलराज के वो दिन किसी भी बिहारी के लिए भयावह याद हैं।” उन्होंने आरजेडी पर तंज कसते हुए कहा कि “जिन्होंने बिहार को लालटेन युग में रखा, वो बिजली नहीं दे सकते। जिनका इतिहास जमीन कब्जाने का रहा है, वो उद्योगों को जमीन कैसे देंगे?”
बिहार के विकास को बताया एनडीए की प्राथमिकता
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बिहार का गौरव बढ़ाना, यहां की मीठी बोली और समृद्ध संस्कृति को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाना, और राज्य का विकास करना एनडीए और भाजपा की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “जब भारत ज्ञान और विज्ञान में विश्वगुरु था, तब बिहार ने बड़ी भूमिका निभाई थी। आज जब भारत विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है, तो बिहार का विकसित होना भी उतना ही जरूरी है।”
2001 के गोलू अपहरण कांड का जिक्र
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में 2001 के मुजफ्फरपुर गोलू अपहरण कांड का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “जंगलराज के दौर में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि वे दिन-दहाड़े स्कूल जा रहे बच्चे को उठा लेते थे। जब परिवार फिरौती नहीं दे सका, तो उस मासूम की निर्मम हत्या कर दी गई थी। यही था उस दौर का सच।”
भ्रष्टाचार और कुशासन पर तीखा प्रहार
प्रधानमंत्री ने कहा, “जहां कट्टा और क्रूरता का राज हो, वहां कानून दम तोड़ देता है। जहां आरजेडी और कांग्रेस जैसी पार्टियां हों, वहां समाज में सद्भाव और विकास दोनों की जगह नहीं होती। भ्रष्टाचार और कुशासन का परिणाम यही होता है कि गरीबों का हक कुछ परिवारों की जेब में चला जाता है।”
अंत में पीएम मोदी ने कहा कि बिहार को जंगलराज नहीं, जनकल्याण राज की जरूरत है, ताकि राज्य विकास की दौड़ में देश के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ सके।










