लखनऊ: उत्तर प्रदेश में संभावित कैबिनेट विस्तार से पहले सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। बीजेपी की सहयोगी पार्टी अपना दल (एस) ने मंत्रिमंडल में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की मांग कर दी है, जिससे राजनीतिक समीकरणों में हलचल बढ़ गई है।
एक और मंत्री पद की मांग
पार्टी की नेता अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व वाले अपना दल (एस) ने यूपी कैबिनेट में एक और मंत्री पद की मांग रखी है। फिलहाल पार्टी के कोटे से सिर्फ आशीष पटेल ही मंत्री हैं, जबकि विधानसभा में पार्टी के कुल 13 विधायक हैं।
रणनीति के तहत बढ़ाया दबाव
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह मांग एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। विधानसभा चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं बचा है, ऐसे में पार्टी अपने विधायकों को साधने और सीटों के बंटवारे में बेहतर स्थिति बनाने के लिए दबाव की राजनीति कर रही है।
बीजेपी में मंथन जारी
इस बीच भारतीय जनता पार्टी में कैबिनेट विस्तार को लेकर लगातार बैठकें हो रही हैं। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं और कई मंत्रियों व नेताओं से चर्चा कर चुके हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की है।
बड़े बदलाव के संकेत
सूत्रों के मुताबिक, आगामी चुनाव को देखते हुए बीजेपी संगठन और सरकार दोनों स्तर पर बड़े बदलाव कर सकती है। इसमें नए चेहरों को मौका देने और सहयोगी दलों को संतुष्ट करने की रणनीति शामिल हो सकती है।
सियासी समीकरणों पर नजर
अब देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी अपने सहयोगी दल की इस मांग को कैसे संतुलित करती है। कैबिनेट विस्तार के जरिए पार्टी चुनाव से पहले सभी सहयोगियों को साधने की कोशिश में जुटी है।









