श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में शुक्रवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। फरीदाबाद से बरामद किए गए सफेदपोश आतंकी नेटवर्क के अमोनियम नाइट्रेट में अचानक विस्फोट हो गया। धमाका इतना भीषण था कि थाने का एक बड़ा हिस्सा ढह गया और पार्किंग में खड़ी कई गाड़ियों में आग लग गई। घटनास्थल पर मौजूद पुलिस इंस्पेक्टर समेत 10 लोगों की मौत होने की खबर है, हालांकि पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
कई अधिकारी थे मौजूद, 27 लोग घायल
धमाके के समय थाने की इमारत में डीएसपी रैंक के एक अधिकारी और एक तहसीलदार समेत करीब 50 लोग मौजूद थे। इस हादसे में 27 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 24 पुलिसकर्मी शामिल हैं। पांच को सेना के बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि बाकी को श्रीनगर के अन्य अस्पतालों में इलाज मिल रहा है।
पुलिस ने आतंकवादी हमले की आशंका से इनकार किया है और इसे एक दुर्घटना करार दिया है।
फरीदाबाद से जब्त विस्फोटक ही बना हादसे की वजह
जानकारी के अनुसार, दिल्ली विस्फोट में लिप्त जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवात-उल-हिंद के पकड़े गए आतंकियों से जब्त 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट को जांच के लिए FSL को भेजा गया था। इसका कुछ हिस्सा लैब में और शेष नौगाम थाने के मालखाने में रखा गया था। इसी मालखाने में रखे विस्फोटक की जांच के दौरान अचानक धमाका हो गया। FSL की टीम नमूने ले रही थी, उसी समय यह दुर्घटना हुई।
पहले भी मिला था आतंकी नेटवर्क का सुराग
बता दें कि अक्टूबर में नौगाम इलाके में जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर मिले थे, जिसके बाद सफेदपोश आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। कई डॉक्टरों और उनसे जुड़े आतंकियों को भी गिरफ्तार किया गया था। मामले की जांच का केंद्र यही थाना था।
14 किमी दूर तक सुनाई दी धमाके की आवाज
स्थानीय लोगों के अनुसार धमाका रात करीब 11:15 बजे हुआ। विस्फोट इतना जोरदार था कि इसकी आवाज 14 किलोमीटर दूर एसएमएचएस अस्पताल तक सुनी गई। आसपास की इमारतों की खिड़कियों के कांच टूट गए और आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई दीं। पार्किंग में खड़े वाहन पूरी तरह जल गए। थाने की इमारत का मलबा पूरे इलाके में फैल गया।
दमकल और सुरक्षा बलों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही दमकल की टीम रात करीब 11:45 बजे मौके पर पहुंची। पुलिस, CRPF के वरिष्ठ अधिकारी भी तुरंत थाने में पहुंचे। एसएसपी श्रीनगर, डीआईजी सेंट्रल कश्मीर रेंज और आईजी कश्मीर ने हालात का जायजा लिया। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा बलों ने घेर लिया है और जांच जारी है।
यह हादसा अमोनियम नाइट्रेट की जांच के दौरान लापरवाही से हुआ या किसी तकनीकी त्रुटि से — इसका जवाब अभी जांच के बाद ही सामने आएगा।










