वाराणसी। कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार के खिलाफ वाराणसी पुलिस ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी मनोज कुमार यादव की 13 करोड़ 53 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त कर ली। पुलिस ने आरोपी के घर के बाहर न्यायालय का नोटिस चस्पा किया और क्षेत्र में मुनादी भी कराई।
कोतवाली थाने में दर्ज मामले में मनोज कुमार यादव पुत्र भोला नाथ यादव को इस सिंडीकेट का सक्रिय सदस्य और शुभम जायसवाल का करीबी माना गया है। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने आपराधिक कृत्यों से अर्जित धन से अचल संपत्तियां खरीदी थीं। इसके बाद पुलिस ने उसकी संपत्तियों और बैंक खातों को सीज कर दिया।
एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह के अनुसार, आरोपी ने भारी मात्रा में ‘न्यू फेन्साडिल’ कफ सिरप को फर्जी और कूटरचित ई-वे बिल के जरिए वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई किया। इस दवा का उपयोग नशे के रूप में किया जा रहा था। विभिन्न फर्मों के माध्यम से आपराधिक षड्यंत्र के तहत बिक्री कर भारी आर्थिक लाभ अर्जित किया गया और उसी धन से संपत्तियां खरीदी गईं।
पुलिस जांच में कुल 20 संपत्तियां चिन्हित की गईं। इनकी अनुमानित कीमत 12 करोड़ 66 लाख 54 हजार 62 रुपये आंकी गई है। इसके अतिरिक्त 86 लाख 51 हजार 923 रुपये बैंक खातों में जमा पाए गए, जिन्हें भी फ्रीज कर दिया गया है। कुल मिलाकर 13 करोड़ 53 लाख 5 हजार 985 रुपये की संपत्ति और धनराशि पर कार्रवाई की गई है।
इन संपत्तियों को किया गया फ्रीज
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आवासीय/गैर-कृषि भूमि: मौजा संधा (शिवपुर), मुनारी (काटहरा) और बनवारीपुर स्थित प्लॉट।
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आवासीय फ्लैट: चम्पाबाग टावर, ईश्वरगंगी, वाराणसी में स्थित फ्लैट।
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कृषि भूमि: मौजा जगदीशपुर (पिंडरा), मेंहदीगंज (राजातालाब) और खजुरी क्षेत्र की विभिन्न आराजी संख्या वाली जमीनें।
इसके अलावा मनोज यादव की पत्नी मीनू यादव, पुत्र लक्ष्य यादव तथा उनकी कंपनियों—LMS Infra Pvt. Ltd. और Syndicate Enterprises—के कुल सात बैंक खातों को भी फ्रीज किया गया है, जिनमें जमा धनराशि पर लेन-देन रोक दिया गया है।
कार्रवाई के दौरान एसीपी विजय प्रताप सिंह, इंस्पेक्टर दयाशंकर सिंह समेत एसआईटी और कोतवाली थाने की टीम मौजूद रही। पुलिस का कहना है कि सिंडीकेट से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है और आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।










