वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र में कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। थाना प्रभारी राजू सिंह की तहरीर पर शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला प्रसाद जायसवाल समेत 9 लोगों के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
इस पूरे गिरोह का सरगना भोला प्रसाद जायसवाल को बनाया गया है, जो अपने साथियों के साथ मिलकर संगठित तरीके से कोडीन सिरप की तस्करी और भंडारण करता था।
इंटरपोल की नजर में मुख्य आरोपी
इस मामले में मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल फरार बताया जा रहा है। उसे पकड़ने के लिए इंटरपोल भी सक्रिय है और अन्य देशों के साथ समन्वय कर उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
ऐसे चलता था पूरा रैकेट
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य अवैध तरीके से कोडीन युक्त कफ सिरप का कारोबार कर रहे थे। इस अवैध धंधे से गिरोह को बड़ा आर्थिक लाभ हो रहा था, जिसे ऐशो-आराम में खर्च किया जाता था।
ये हैं गैंग के सदस्य
गैंग में भोला प्रसाद जायसवाल और उसके बेटे शुभम जायसवाल के अलावा आजाद जायसवाल, महेश कुमार सिंह, शिवाकांत उर्फ शिव, स्वप्निल केशरी, दिनेश कुमार यादव, आशीष यादव और सौरभ त्यागी शामिल हैं। ये सभी अलग-अलग जिलों से जुड़े हैं और संगठित तरीके से इस अपराध को अंजाम दे रहे थे।
18 हजार से ज्यादा कफ सिरप की हुई थी बरामदगी
19 नवंबर 2025 को रोहनिया थाना क्षेत्र के भदवार में महेश कुमार सिंह के गोदाम पर छापेमारी के दौरान 18,600 शीशियां फेंसाडिल और 75,150 शीशियां कफ सिरप बरामद हुई थीं। लैब जांच में इन सभी में कोडीन की पुष्टि हुई थी।
कोर्ट की अनुमति के बाद दर्ज हुआ केस
पुलिस ने मामले की जांच और चार्जशीट दाखिल करने के बाद सभी आरोपियों का गैंग चार्ट तैयार कर न्यायालय से अनुमति मांगी थी। अनुमति मिलने के बाद सभी 9 आरोपियों पर उत्तर प्रदेश गिरोहबंद समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम की धारा 3(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस अब गिरोह के अन्य नेटवर्क और फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।










