तेल संकट के बीच केंद्र सरकार का बड़ा कदम, पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर दी बड़ी राहत, जानिए किसे मिलेगा फायदा

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

नई दिल्ली। मध्य पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक आपूर्ति संकट के बीच केंद्र सरकार ने उद्योगों को बड़ी राहत देते हुए अहम फैसला लिया है। सरकार ने उर्वरक और पेट्रोकेमिकल सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले कई कच्चे माल पर आयात शुल्क खत्म कर दिया है। यह छूट 2 अप्रैल से 30 जून तक लागू रहेगी।

40 से ज्यादा रसायनों पर शुल्क समाप्त

Ministry of Finance India की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, करीब 40 प्रकार के पेट्रोकेमिकल कच्चे माल और इंटरमीडिएट प्रोडक्ट्स पर आयात शुल्क को शून्य कर दिया गया है।

इनमें अमोनियम नाइट्रेट, मेथनॉल, फिनॉल, पीवीसी और पॉलीप्रोपाइलीन जैसे प्रमुख रसायन शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल कई उद्योगों में व्यापक रूप से होता है।

उर्वरक कंपनियों को बड़ा फायदा

सरकार के इस फैसले से उर्वरक उद्योग को सबसे ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद है।

अमोनियम नाइट्रेट जैसे रसायन खाद निर्माण के लिए बेहद जरूरी होते हैं। आयात शुल्क और कृषि ढांचा एवं विकास उपकर हटने से उत्पादन लागत घटेगी और बाजार में खाद की उपलब्धता बेहतर बनी रहेगी।

कम होगी लागत, महंगाई पर भी असर

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से:

  • कच्चा माल सस्ता होगा
  • उत्पादन लागत घटेगी
  • सप्लाई चेन में सुधार होगा
  • महंगाई को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी

यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब वैश्विक बाजार में कच्चे माल की कीमतें युद्ध और सप्लाई बाधाओं के कारण बढ़ी हुई हैं।

कई उद्योगों को मिलेगा सीधा लाभ

आयात शुल्क में छूट का असर कई सेक्टर्स पर दिखेगा, जैसे:

  • पैकेजिंग और प्लास्टिक उद्योग
  • ऑटोमोबाइल सेक्टर
  • इलेक्ट्रॉनिक्स और कंज्यूमर गुड्स
  • फार्मा इंडस्ट्री

इन रसायनों का उपयोग पीवीसी पाइप, पेंट, कोटिंग, इंसुलेशन, दवाइयों और वाहन के पुर्जों के निर्माण में किया जाता है।

वैश्विक संकट के बीच राहत पैकेज

सरकार का यह कदम एक तरह से राहत पैकेज के रूप में देखा जा रहा है, जिससे उद्योगों पर बढ़ते लागत दबाव को कम किया जा सके।

माना जा रहा है कि इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि बाजार में जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता भी बनी रहेगी।

क्या है सरकार का मकसद?

सरकार का उद्देश्य साफ है—वैश्विक संकट के बीच घरेलू उद्योगों को सहारा देना और आम जनता पर महंगाई का बोझ कम करना।

News Rastra
Author: News Rastra

Leave a Comment

और पढ़ें