महाराष्ट्र में होने वाले बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव से पहले गठबंधन दलों के बीच सीट बंटवारे पर मंथन तेज हो गया है। अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि किस सीट से कौन-सा उम्मीदवार मैदान में उतरेगा। इसी बीच उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है।
योग्यता को मिली प्राथमिकता
शिंदे ने 28 सितंबर को शिवसेना के शाखा प्रमुखों को संबोधित करते हुए कहा कि सीटों का बंटवारा केवल संख्या के आधार पर नहीं होगा। उम्मीदवार चयन में उनकी योग्यता और जीतने की क्षमता अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि महायुति गठबंधन में शिवसेना को उचित सम्मान दिया जाएगा। शिंदे ने स्पष्ट कहा, “हमारे लिए सीटों की संख्या से ज्यादा जरूरी है गठबंधन की सामूहिक जीत।”
शाखा प्रमुखों की अहमियत
अपने भाषण में शिंदे ने शाखा प्रमुखों को चुनाव की रीढ़ करार दिया। उन्होंने कहा कि ये नेता सबसे निचले स्तर पर जनता से जुड़े होते हैं और पार्टी का संदेश हर घर तक पहुंचाते हैं। शिंदे ने जोर देते हुए कहा कि शाखा प्रमुख ही चुनावी सफलता में निर्णायक साबित होंगे।
महायुति की आगे की रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिंदे का यह रुख संकेत देता है कि इस बार महायुति उम्मीदवारों के चयन में सिर्फ समझौते की राजनीति नहीं, बल्कि स्थानीय नेतृत्व और अनुभव को तवज्जो मिलेगी। अगले कुछ हफ्तों में सीट बंटवारे और उम्मीदवारों की लिस्ट घोषित होने की संभावना है।
कुल मिलाकर शिवसेना और उसके सहयोगी दल इस बार रणनीति बनाते समय संख्या से ज्यादा जीत की गारंटी देने वाले चेहरों पर दांव लगाने की तैयारी में हैं।










