वाराणसी। मनरेगा योजना का नाम बदले जाने और मजदूरों को पिछले नौ महीनों से भुगतान न होने के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने देशभर में गांधी प्रतिमाओं के समक्ष मौन उपवास और एकता आंदोलन का आह्वान किया है। इसी क्रम में वाराणसी में भी कांग्रेस कार्यकर्ता उपवास के लिए टाउन हॉल की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार अब शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन तक की इजाजत नहीं दे रही है।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि मनरेगा जैसी ऐतिहासिक योजना का नाम बदलकर “जी ग्राम जी” किया जाना न केवल मजदूरों के अधिकारों पर हमला है, बल्कि महात्मा गांधी की विरासत का भी अपमान है। उन्होंने कहा कि गांधी जी के नाम से जुड़ी योजना से उनका नाम हटाना देश के इतिहास और आज़ादी की लड़ाई के मूल्यों को कमजोर करने की कोशिश है।
अजय राय ने आरोप लगाया कि सरकार यह गलत प्रचार कर रही है कि कांग्रेस “राम” शब्द के कारण नाम परिवर्तन का विरोध कर रही है, जबकि वास्तविक मुद्दा योजना का नाम बदलना और मजदूरों को समय पर भुगतान न मिलना है। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि अब सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने की भी आज़ादी नहीं दी जा रही है।
इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनका नेतृत्व देशभर में स्वीकार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रियंका गांधी का जन्मदिन पूरे देश में मनाया जाएगा और उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश, बंगाल, असम और केरल सहित कई राज्यों में संगठन लगातार मजबूत हो रहा है।
अजय राय ने यह भी ऐलान किया कि आगामी 8 तारीख को वाराणसी में एक बड़ी रैली आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही प्रदेशभर में करीब 30 रैलियों के जरिए जनता को सरकार की नीतियों के खिलाफ जागरूक किया जाएगा।










