TET को लेकर लाखों शिक्षकों को मिल सकती है राहत, केंद्र सरकार ने दिए ये बड़े संकेत

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

देशभर के लाखों सरकारी शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर बना डर, तनाव और असमंजस अब खत्म होने की उम्मीद जगी है। खासतौर पर वे शिक्षक जो वर्षों से स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन किसी वजह से अब तक TET पास नहीं कर पाए हैं, उनके भविष्य को लेकर जो अनिश्चितता बनी हुई थी, उस पर अब विराम लग सकता है।

सितंबर 2025 में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद स्थिति और गंभीर हो गई थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि सभी शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य होगा। इसका सीधा असर उन शिक्षकों पर पड़ा, जो 10, 15 या 20 साल से पढ़ा रहे हैं। ऐसे में कई शिक्षक अपनी नौकरी को लेकर असुरक्षित महसूस करने लगे थे और उन्हें समय से पहले रिटायरमेंट या नौकरी जाने का डर सताने लगा था।

पढ़ाई या परीक्षा, किस पर दें ध्यान?

गैर-TET शिक्षक लगातार यह सवाल उठा रहे थे कि वे बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दें या फिर अपनी नौकरी बचाने के लिए परीक्षा की तैयारी करें। अनुभवी शिक्षकों के लिए दोबारा परीक्षा देना आसान नहीं है। इसी वजह से शिक्षक संगठनों ने केंद्र और राज्य सरकारों से बार-बार मांग की कि पुराने और अनुभवी शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से छूट दी जाए या उन्हें कोई विशेष राहत प्रदान की जाए।

केंद्र सरकार का अहम कदम

अब इस दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि पहली से आठवीं कक्षा तक के उन शिक्षकों का पूरा ब्योरा भेजा जाए, जिनकी नियुक्ति वर्ष 2011 से पहले हुई थी।

राज्यों को यह जानकारी 16 जनवरी तक उपलब्ध करानी होगी। इसके लिए 31 दिसंबर को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजा जा चुका है। रिपोर्ट में यह विवरण मांगा गया है कि 2011 से पहले और बाद में कितने शिक्षक नियुक्त हुए, कितनों ने TET या CTET पास किया है, कितने शिक्षक अब भी TET पास नहीं कर पाए हैं, साथ ही उनकी उम्र, शैक्षणिक योग्यता और प्रशिक्षण से जुड़ी जानकारी भी देनी होगी। इससे साफ है कि सरकार पूरे मामले को गंभीरता से समझकर ही कोई फैसला लेना चाहती है।

लाखों शिक्षकों को राहत की आस

केंद्र सरकार की इस पहल से करीब 12 लाख शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अलग-अलग राज्यों में बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक हैं जो अब तक TET पास नहीं कर पाए हैं। उत्तर प्रदेश में लगभग 1.86 लाख, राजस्थान में करीब 80 हजार, मध्य प्रदेश में लगभग 3 लाख और झारखंड में करीब 27 हजार प्राथमिक शिक्षक इस फैसले से सीधे तौर पर प्रभावित हैं।

सुप्रीम कोर्ट का क्या था फैसला?

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि जो शिक्षक TET योग्य नहीं हैं, उन्हें दो साल के भीतर परीक्षा पास करनी होगी। ऐसा न करने पर उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ सकती है या रिटायर किया जा सकता है। हालांकि कोर्ट ने यह भी संकेत दिया था कि जिन शिक्षकों की सेवा में केवल पांच साल बचे हैं, उन्हें कुछ राहत दी जा सकती है।

आगे क्या?

अब सभी की नजर केंद्र सरकार और राज्यों के अगले फैसले पर टिकी है। यदि सरकार पुराने और अनुभवी शिक्षकों को TET से छूट देने या कोई वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने का निर्णय लेती है, तो इससे लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। आने वाले समय में यह फैसला शिक्षकों के भविष्य को नई दिशा दे सकता है।

News Rastra
Author: News Rastra

Leave a Comment

और पढ़ें