Cough Syrup Ban : राजस्थान और मध्य प्रदेश में कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के बाद देशभर में हड़कंप मच गया है। इसी के चलते कई राज्यों ने कफ सिरप पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। इनमें प्रसिद्ध ब्रांड Coldrif भी शामिल है। सरकारें अब कफ सिरप की बिक्री और वितरण पर कड़ी निगरानी रख रही हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
किन राज्यों में लगा प्रतिबंध
बच्चों की मौत की घटनाओं के बाद मध्य प्रदेश, राजस्थान, केरल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ ने त्वरित कार्रवाई की है।
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मध्य प्रदेश में Coldrif और Nestro DS सिरप पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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राजस्थान ने भी इन दवाओं की बिक्री पर रोक लगाई है।
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केरल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पंजाब ने भी समान प्रतिबंध लागू किए हैं।
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महाराष्ट्र ने दवा निर्माताओं को सतर्क किया है और निगरानी बढ़ा दी है।
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छत्तीसगढ़ में दो साल से कम उम्र के बच्चों को किसी भी कफ सिरप के उपयोग पर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर सजा
भारत में प्रतिबंधित या मिलावटी कफ सिरप की बिक्री को गंभीर अपराध माना गया है।
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औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की धारा 27(A) के तहत यदि कोई व्यक्ति मिलावटी दवा देकर किसी की मौत का कारण बनता है, तो उसे कम से कम 10 साल की कैद या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।
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इसके अलावा, भारतीय न्याय संहिता में भी यह प्रावधान है कि ऐसी दवा बेचने या वितरित करने वाले व्यक्ति को एक साल तक की जेल हो सकती है।
जन-जागरूकता और सुरक्षा के उपाय
स्वास्थ्य विभाग ने माता-पिता को सलाह दी है कि वे दो साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप न दें। राज्यों में जनजागरूकता बढ़ाने के लिए एडवाइजरी जारी की जा रही है ताकि लोग बिना परीक्षण वाली दवाओं से सतर्क रहें। फार्मेसी, अस्पतालों और दवा वितरकों की निगरानी बढ़ा दी गई है। कई जगहों पर दोषी औषधि नियंत्रकों को निलंबित किया गया है और प्रतिबंधित सिरप के स्टॉक को जब्त या फ्रीज कर दिया गया है।
सरकार ने साफ कर दिया है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।










