Dev Deepawali : लाखों दीपों से रोशनी से जगमगाई काशी नगरी, CM योगी ने किया पहला दीप प्रज्वलित

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वाराणसी: काशी में बुधवार की शाम देव दीपावली के पावन पर्व पर आस्था, श्रद्धा और अद्भुत भव्यता का संगम देखने को मिला। जैसे ही मां गंगा की गोद में लाखों दीपों की लौ जली, पूरी काशी दिव्यता की अनोखी आभा से आलोकित हो उठी। गोधूलि बेला में जब उत्तरवाहिनी गंगा की लहरों पर दीपों की सुनहरी झिलमिलाहट बिखरी, तो ऐसा लगा मानो धरती पर स्वयं स्वर्ग उतर आया हो।

नमो घाट से शुरू हुआ दीपोत्सव, सीएम योगी ने जलाया पहला दीप

देव दीपावली का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नमो घाट पर पहला दीप प्रज्वलित कर किया। उनके साथ पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, राज्य मंत्री रविन्द्र जायसवाल, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी और महापौर अशोक तिवारी मौजूद रहे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने क्रूज़ पर सवार होकर मां गंगा की आरती देखी और घाटों की झिलमिल रोशनी का नज़ारा लिया। इस दौरान घाटों पर मौजूद श्रद्धालुओं ने “हर हर महादेव” के जयघोष से उनका स्वागत किया।

दशाश्वमेध घाट पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

धर्म और राष्ट्रभक्ति की एक साथ मिसाल पेश करते हुए दशाश्वमेध घाट पर ‘अमर जवान ज्योति’ की अनुकृति स्थापित की गई। यहां सेना के तीनों विंग के अफसरों ने पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। इस वर्ष की देव दीपावली ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को समर्पित रही, जिसमें देश की वीर माताओं के त्याग और बलिदान को नमन किया गया।

लाखों दीपों से जगमगाई काशी

सरकार ने इस बार 10 लाख दीप जलाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन जनसहयोग से यह संख्या बढ़कर 15 से 25 लाख दीपों तक पहुंच गई। इनमें 1 लाख पर्यावरण अनुकूल गोबर से बने दीप भी शामिल थे। घाटों, कुंडों और मंदिरों पर दीपों की पंक्तियों ने काशी को एक सुनहरी माला की तरह सजा दिया।

चेत सिंह घाट पर ‘काशी-कथा’ बना आकर्षण का केंद्र

आधुनिक तकनीक और परंपरा के मेल का नज़ारा चेत सिंह घाट पर दिखा, जहां 25 मिनट का थ्रीडी प्रोजेक्शन मैपिंग शो ‘काशी-कथा’ प्रस्तुत किया गया। इसमें भगवान शिव-पार्वती विवाह, भगवान बुद्ध के उपदेश, संत कबीर और तुलसीदास की भक्ति परंपरा से लेकर महामना मदन मोहन मालवीय द्वारा स्थापित काशी हिंदू विश्वविद्यालय की यात्रा तक का जीवंत चित्रण किया गया।

गंगा पार रेत पर ‘ग्रीन क्रैकर्स शो’

गंगा पार की रेत पर हुआ संगीतबद्ध ग्रीन क्रैकर्स शो पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना। आतिशबाज़ी की रोशनी जब गंगा की लहरों पर प्रतिबिंबित हुई, तो पूरा दृश्य और भी अलौकिक प्रतीत हुआ।

महाआरती में आध्यात्मिकता और राष्ट्रभक्ति का संगम

दशाश्वमेध घाट की महाआरती में 21 अर्चकों और 42 देव कन्याओं ने मिलकर मां गंगा की आरती की। 21 कुंटल फूलों और 51 हजार दीपों से सजे घाट पर जब शंख और घंटों की ध्वनि गूंजी, तो पूरा वातावरण भक्तिरस से भर गया। इस अवसर पर वीर जवानों को ‘भगीरथ शौर्य सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

काशी विश्वनाथ धाम में विशेष पूजा और सजावट

देव दीपावली पर काशी विश्वनाथ धाम को फूलों और दीपों से भव्य रूप से सजाया गया। बाबा के दरबार में विशेष पूजा-अर्चना हुई। भक्तों की भारी भीड़ ने दर्शन किए और बाबा से सुख-समृद्धि की कामना की।

जल, थल और नभ से रही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

श्रद्धालुओं की भीड़ और वीवीआईपी उपस्थिति को देखते हुए वाराणसी को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया। बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध रहा। घाटों पर एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें नावों और वाटर एम्बुलेंस के साथ तैनात थीं। महिलाओं की सुरक्षा के लिए सादी वर्दी में महिला पुलिसकर्मी, एंटी रोमियो स्क्वॉड और क्यूआरटी टीमों की तैनाती की गई।

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Author: News Rastra

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