वाराणसी। काशी के विश्वप्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर शवदाह रोके जाने की खबरों के बीच डोम राजा परिवार ने स्थिति साफ कर दी है। डोम राजा विश्वनाथ चौधरी ने कहा कि घाट पर अंतिम संस्कार पूरी तरह बंद नहीं हुआ था और प्रशासन से बातचीत के बाद शवदाह की प्रक्रिया सामान्य रूप से चल रही है।
शनिवार सुबह करीब छह बजे मणिकर्णिका घाट पर शवदाह रुकने की सूचना के बाद अफरा-तफरी की स्थिति बन गई थी। कुछ समय के लिए शव घाट पर रोके गए, लेकिन बाद में प्रशासन और डोम राजा परिवार के बीच संवाद के बाद अंतिम संस्कार दोबारा शुरू कर दिया गया। डोम राजा ने बताया कि रात में जिला प्रशासन से बातचीत हुई थी और शनिवार को सिंधिया घाट पर प्रशासन व डोम राजा परिवार के बीच बैठक प्रस्तावित है।
गौरतलब है कि दो दिन पहले डोम राजा परिवार ने जिला प्रशासन और नगर निगम को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। चेतावनी दी गई थी कि यदि घाटों से अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो काशी में शवदाह पूरी तरह बंद किया जा सकता है और फिर यह प्रक्रिया योगी आदित्यनाथ के आगमन के बाद ही शुरू होगी।
डोम राजा परिवार का आरोप है कि मणिकर्णिका गेट से लेकर शवदाह स्थल तक भारी अतिक्रमण है। इससे शवयात्रियों और श्रद्धालुओं को संकरी गलियों में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस मुद्दे को लेकर प्रशासन से कई बार गुहार लगाई जा चुकी है।
डोम राजा विश्वनाथ चौधरी ने कहा कि मामला धार्मिक परंपराओं और भावनाओं से जुड़ा है, इसलिए प्रशासन को जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए। फिलहाल अधिकारियों से वार्ता के बाद शवदाह की प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है और आगामी बैठक में स्थायी समाधान निकलने की उम्मीद जताई गई है।










