Maharashtra : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने हाल के दिनों में पार्टी विधायकों और मंत्रियों से जुड़ी विवादास्पद घटनाओं को लेकर सख्त नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने दो टूक कहा कि कोई भी जनप्रतिनिधि अनुशासनहीनता करे तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। शिंदे ने साफ कहा कि किसी को भी कार्रवाई के लिए उन्हें मजबूर न करें।
मुंबई में विधायक हॉस्टल की कैंटीन में “बासी खाना” परोसने को लेकर शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ ने कर्मचारी को थप्पड़ मार दिया था, जिसकी काफी आलोचना हुई। इस मामले ने पार्टी की छवि को खासा नुकसान पहुंचाया, जिसके बाद शिंदे ने खुद मोर्चा संभाला।
“सार्वजनिक जीवन में संयम जरूरी है – शिंदे
शिंदे ने विधायकों की बैठक में कहा, “जनजीवन में जुड़े नेताओं के लिए अनुशासन बहुत जरूरी है। मैं चाहता हूं कि आप सभी ज़िम्मेदारी से पेश आएं और ऐसे बर्ताव से बचें जो पार्टी की बदनामी का कारण बने।”
नकदी से भरे बैग का वीडियो वायरल, फिर मचा बवाल
संजय गायकवाड़ का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि शिवसेना के ही मंत्री संजय शिरसाट का एक वीडियो सामने आ गया। वीडियो में वे एक कमरे में बैठे नजर आ रहे हैं और उनके पास नकदी से भरा हुआ बैग दिखाई दे रहा है। कुछ दिन पहले ही शिरसाट को घोषित संपत्ति में बढ़ोतरी को लेकर इनकम टैक्स का नोटिस भी मिला था।
हालांकि, शिरसाट ने खुद पर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है। दूसरी ओर, गायकवाड़ ने अपने थप्पड़ वाले कृत्य को जायज़ ठहराते हुए माफी मांगने से इनकार कर दिया है।
इन दोनों घटनाओं से ना सिर्फ शिवसेना, बल्कि राज्य सरकार को भी किरकिरी का सामना करना पड़ा है।
बाहरी दबाव में फैसला न लें– शिंदे की चेतावनी
बैठक में एकनाथ शिंदे ने पार्टी नेताओं को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा, “कुछ मंत्रियों को जनता के विरोध के चलते अपना पद छोड़ना पड़ा। मैं नहीं चाहता कि मुझे अपने ही सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़े। लेकिन अगर आप मर्यादा नहीं रखेंगे, तो मुझे सख्त कदम उठाने होंगे।”
उन्होंने सलाह दी कि नेता विवादों में पड़ने की बजाय अपने कार्य पर ध्यान दें। उन्होंने कहा, “मैं किसी बॉस की तरह नहीं बल्कि एक कार्यकर्ता की तरह काम करता हूं और चाहूंगा कि आप भी जनता के लिए इसी भावना से काम करें। कम बोलें, ज़्यादा काम करें।”










