Cricketer Yash Dayal Rape Case: इलाहाबाद हाईकोर्ट की डबल बेंच ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) क्रिकेटर यश दयाल (Yash Dayal) की याचिका पर सुनवाई करते हुए एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि अगली सुनवाई तक यश दयाल के खिलाफ दर्ज एफआईआर में कोई भी पुलिसिया कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही राज्य सरकार, गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना प्रभारी और पीड़िता को नोटिस जारी कर अपना जवाब दाखिल करने को कहा गया है।
एफआईआर को बताया दुर्भावनापूर्ण- Yash Dayal
क्रिकेटर यश दयाल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर एफआईआर को झूठा और मानसिक उत्पीड़न वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह मामला उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने और उन्हें फंसाने की सोची-समझी साजिश है। दयाल की ओर से कोर्ट से एफआईआर रद्द करने और गिरफ्तारी पर तत्काल रोक की मांग की गई थी।
गाजियाबाद की युवती ने लगाए गंभीर आरोप
गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में रहने वाली एक युवती ने 6 जुलाई को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 (पूर्व में IPC 376) के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी। युवती ने आरोप लगाया कि यश दयाल ने शादी का झांसा देकर कई वर्षों तक शारीरिक संबंध बनाए और बाद में शादी करने से इनकार कर दिया।
2020 से रिश्ते का दावा
पीड़िता का कहना है कि उसकी यश से मुलाकात 2020 में सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। बातचीत धीरे-धीरे नजदीकियों में बदली और वह यश पर पूरी तरह भरोसा करने लगीं। उसने दावा किया कि यश ने कई बार शादी का भरोसा दिया, लेकिन अंत में पीछे हट गए। युवती ने यश पर भावनात्मक और शारीरिक शोषण का भी आरोप लगाया है।
कोर्ट से मिली अंतरिम राहत
हाईकोर्ट ने फिलहाल यश दयाल की गिरफ्तारी पर अस्थायी रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि सभी प्रतिवादी पक्ष अपनी जवाबी दलीलें अगली सुनवाई से पहले दाखिल करें। इसके बाद ही मामले पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
अब जब तक अगली सुनवाई नहीं होती, यश दयाल को किसी भी तरह की पुलिसिया कार्रवाई से राहत मिल गई है। मामला कोर्ट में लंबित है और कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण का सभी को इंतजार है।










