अयोध्या में आज दीपोत्सव 2025 का नौवां पर्व ऐतिहासिक भव्यता के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दीप जलाकर दीपोत्सव की शुरुआत की। इसके बाद पूरी रामनगरी लाखों दीपों की रोशनी से नहा उठी। इस बार अयोध्या ने 26,70,215 दीप जलाकर एक नया विश्व रिकॉर्ड बना दिया।
सरयू तट पर भव्य आरती और दो विश्व कीर्तिमान
दीपोत्सव के अवसर पर राम की पैड़ी पर दीपों की जगमगाहट के साथ 2128 अर्चकों ने एकसाथ मां सरयू की महाआरती की, जिसने एक और विश्व कीर्तिमान रच दिया। इन दोनों रिकॉर्ड्स को दर्ज करने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम स्वयं अयोध्या पहुंची थी। कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का प्रमाणपत्र भी प्रदान किया गया।

राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान का हुआ स्वागत
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंचे और पुष्पक विमान रूपी हेलीकॉप्टर से पहुंचे राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान के स्वरूपों की अगवानी की। इसके बाद रामकथा पार्क में श्रीराम का राज्याभिषेक (राजतिलक) संपन्न हुआ। पूरा परिसर “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा।
श्रीराम जन्मभूमि में दीप प्रज्ज्वलन और सरयू आरती
राजतिलक के बाद सीएम योगी ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन किए, दीप जलाया और फिर सरयू नदी के तट पर महाआरती में भाग लिया। लाखों दीपों की रौशनी और मंत्रोच्चार से पूरी अयोध्या दिव्य आभा में नहा उठी।
सीएम योगी बोले – अयोध्या धर्म की जन्मभूमि है
रामकथा पार्क में संबोधन देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जय श्रीराम और सरयू मैया की जय के जयकारों से शुरुआत की। उन्होंने कहा, अयोध्या वह नगरी है, जहां धर्म मानव रूप में प्रकट हुआ। 2017 में हमने दीपोत्सव की परंपरा शुरू की थी, और आज यह आयोजन पूरी दुनिया में अपनी भव्यता के लिए जाना जाता है।”
उन्होंने सभी श्रद्धालुओं और सनातनियों को दीपोत्सव 2025 की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह पर्व आस्था, एकता और भारतीय संस्कृति की रोशनी को और भी प्रखर बनाता है।










