दिवाली के मौसम में मिठाइयों की मांग अचानक बढ़ जाती है। इस दौरान कई बार दुकानों में भीड़ और जल्दीबाजी के कारण नकली या मिलावटी मिठाई भी ग्राहकों को बेची जाती है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि जो मिठाई आप खरीद रहे हैं, वह असली है या नकली। यहां हम आपको बताएंगे मिठाई की पहचान करने के आसान तरीके।
असली और नकली मिठाई में फर्क कैसे करें
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खुशबू और स्वाद: असली मिठाई में प्राकृतिक खुशबू और हल्का स्वाद होता है। नकली मिठाई में तेज कृत्रिम फ्लेवर या एसेंस की गंध आती है।
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दूध या खोया वाली मिठाई: असली दूध या खोया से बनी मिठाई मुलायम और हल्की मीठी होती है। नकली में पाउडर मिल्क या सिंथेटिक घी इस्तेमाल होने से दानेदार या रबड़ जैसी बनावट होती है।
चांदी के वर्क की पहचान
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असली चांदी का वर्क रगड़ने पर नहीं टूटता और इसमें कोई गंध नहीं होती।
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नकली वर्क, जो अक्सर एल्यूमिनियम फॉयल का होता है, आसानी से फट जाता है और इसमें धातु जैसी गंध आती है।
घी की गुणवत्ता कैसे जानें
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असली घी में हल्की खुशबू और मीठास होती है।
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नकली घी में तेज या केमिकल जैसी गंध होती है और खाने के बाद गले में जलन भी महसूस हो सकती है।
घर पर मिठाई की जांच के तरीके
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पानी में डालें: अगर रंग निकलने लगे तो मिठाई में केमिकल हो सकता है।
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हाथ से दबाएं: अगर मिठाई चिपचिपी है या तेल जैसी चीज निकलती है तो यह नकली हो सकती है।
नकली मिठाई खाने के नुकसान
नकली मिठाई में मिलावट वाले रंग, फ्लेवर और घी इस्तेमाल होने से पेट दर्द, एलर्जी, उल्टी और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
बाजार से मिठाई खरीदते समय ध्यान रखने योग्य बातें
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हमेशा भरोसेमंद और प्रतिष्ठित दुकानों से ही खरीदें।
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पैकिंग और तारीख जरूर चेक करें।
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मिठाई की सतह, रंग और खुशबू देखकर ही लें।
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बहुत चमकीली या तेज रंग वाली मिठाई से बचें।
इन सरल तरीकों को अपनाकर आप दिवाली पर अपने परिवार और बच्चों के लिए स्वस्थ और असली मिठाई चुन सकते हैं।










