उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अमेरिका में H-1B वीज़ा प्रायोजक कंपनियों पर 1 लाख डॉलर फीस थोपने के फैसले पर प्रतिक्रिया दी है। शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि यह भारत के साथ अमेरिका का पहला कठोर कदम नहीं है, बल्कि हमारी कमजोर विदेश नीति का परिणाम है।
“विदेश नीति कमजोर, क्यों हो रहे हम निर्भर?”
अखिलेश यादव ने कहा, “हमारी तैयारी क्या है? कल को अगर और देश ऐसा करने लगें तो हम कैसे जवाब देंगे? भारत को आर्थिक रूप से मजबूत दिखना चाहिए था, लेकिन हम निर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं। खाद जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए भी हमें विदेशों पर भरोसा करना पड़ रहा है। जिस देश से हमारी सीमा विवाद है, हम उसी के साथ व्यापार बढ़ाते जा रहे हैं।”
गौशालाओं में भ्रष्टाचार का आरोप
सपा प्रमुख ने बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि गौशालाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि दूध और गोबर तक बेचा जा रहा है, चारे में भी भ्रष्टाचार है। अखिलेश ने दावा किया कि कई गौमाताओं की मौत हो रही है और उन्हें जेसीबी मशीन से गड्ढे खोदकर दफनाया जा रहा है।
“बजट साफ हुआ, नदियां नहीं”
नदियों की सफाई को लेकर भी अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, “नदियों की सफाई के नाम पर बजट तो खत्म हो गया, लेकिन नदियां अब भी गंदी हैं। आदिवासी भाइयों के अधिकारों की भी अनदेखी हो रही है। छुट्टा जानवरों की समस्या का समाधान करने का वादा प्रधानमंत्री से तक कराया गया था, लेकिन डबल इंजन सरकार कुछ नहीं कर पाई।”










