Haridwar Mansa Devi Temple Stampede : हरिद्वार के प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में रविवार को एक दर्दनाक हादसा (Haridwar Mansa Devi Temple Stampede) हो गया। मंदिर के पैदल मार्ग पर अचानक हुई भगदड़ में अब तक 7 श्रद्धालुओं की जान चली गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए हैं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन राहत और बचाव कार्य में तेजी से जुटी टीमों ने कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मंदिर मार्ग पर भीड़ अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गई, जिससे अफरा-तफरी फैल गई और लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे। घायलों में से एक श्रद्धालु ने बताया, “अचानक भीड़ बहुत बढ़ गई और फिर भगदड़ मच गई। कुछ समझ ही नहीं आया।”
प्रशासन ने क्या कहा?
गढ़वाल मंडल के आयुक्त विनय शंकर पांडे ने हादसे की पुष्टि करते हुए कहा, “मनसा देवी मंदिर मार्ग पर अत्यधिक भीड़ के चलते भगदड़ हुई जिसमें 6 लोगों की मौत हुई है। मैं खुद मौके पर पहुंच रहा हूं और विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।”
वहीं हरिद्वार के एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल ने जानकारी दी, “हमें जैसे ही सूचना मिली, हमारी टीम ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अब तक करीब 35 लोगों को अस्पताल भेजा गया है, जिनमें से 6 की मौत हो चुकी है। बाकी लोगों का इलाज जारी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मंदिर मार्ग से करीब 100 मीटर नीचे सीढ़ियों पर बिजली का झटका लगने की अफवाह के कारण भगदड़ मची। जांच जारी है।”
33 से ज्यादा लोगों को बचाया गया
एसएसपी डोभाल के अनुसार, पुलिस और राहत टीमों ने अब तक 33 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है और पूरे मार्ग की निगरानी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दुखद घटना पर शोक जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा,
“हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर मार्ग में भगदड़ मचने की खबर अत्यंत दुखद है। SDRF, उत्तराखंड पुलिस और स्थानीय प्रशासन राहत व बचाव कार्य में जुटे हैं। मैं लगातार प्रशासन के संपर्क में हूं और स्थिति पर निगरानी रखे हुए हूं। माता रानी से सभी श्रद्धालुओं की कुशलता की प्रार्थना करता हूं।”
फिलहाल क्या स्थिति है?
अभी राहत और बचाव कार्य जारी है, घायलों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जिला प्रशासन हादसे की विस्तृत जांच कर रहा है और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि अचानक बढ़ी भीड़ और अफवाहों का जिम्मेदार कौन था।










