हेट स्पीच केस में अब्बास अंसारी को हाईकोर्ट से राहत, आई सुभासपा चीफ के बेटे अरविंद राजभर की प्रतिक्रिया

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लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले पर रोक लगाते हुए मऊ सदर से विधायक अब्बास अंसारी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट के आदेश के बाद उनकी विधायकी बहाल हो जाएगी और अब उपचुनाव की जरूरत नहीं पड़ेगी।

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी का बयान

हाईकोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के महासचिव डॉ. अरविंद राजभर ने एबीपी न्यूज़ से कहा कि यह न्यायसंगत निर्णय है। उन्होंने कहा, “यह अच्छी बात है, इससे जनता में संदेश गया कि न सरकार और न ही न्यायपालिका पक्षपात करती है। मैं हाईकोर्ट का आभारी हूँ और विधायक जी को भी बधाई देता हूँ कि उनकी सदस्यता बरकरार रहेगी।”

2027 चुनाव को लेकर क्या कहा?

जब उनसे पूछा गया कि क्या 2027 में अब्बास अंसारी दोबारा मऊ से प्रत्याशी होंगे, तो डॉ. राजभर ने कहा कि इस पर अभी फैसला लेना बाकी है। उन्होंने साफ किया कि संगठन जनता और समाज के हित को ध्यान में रखकर ही सही समय पर निर्णय करेगा।

क्यों खत्म हुई थी विधायकी?

31 मई 2025 को एमपी-एमएलए कोर्ट, मऊ ने 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए भड़काऊ भाषण मामले में अब्बास अंसारी को 2 साल की सजा और 3,000 रुपये का जुर्माना सुनाया था। इसी आधार पर 1 जून 2025 को उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई थी। जिला जज मऊ की अदालत ने 5 जुलाई को उनकी अपील भी खारिज कर दी थी, जिसके बाद अब्बास अंसारी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

20 अगस्त 2025 को हाईकोर्ट ने उनकी याचिका स्वीकार करते हुए सजा पर रोक लगा दी और विधायकी बहाल कर दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 30 जुलाई को फैसला सुरक्षित रखा था।

Ankita Yadav
Author: Ankita Yadav

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