वित्त वर्ष 2025-26 (निर्धारण वर्ष 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने जा रहे करदाताओं के लिए इस बार नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं। बजट 2026 में निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित प्रावधानों के अनुसार अलग-अलग कैटेगरी के लिए फाइलिंग की समय-सीमा तय की गई है।
समय पर ITR फाइल न करने पर पेनल्टी और ब्याज देना पड़ सकता है, इसलिए अपनी डेडलाइन जानना बेहद जरूरी है।
किसके लिए क्या है आखिरी तारीख?
वेतनभोगी (Salaried) और सामान्य आय वाले
अगर आपकी आय सैलरी, पेंशन या निवेश से है, तो आपको 31 जुलाई 2026 तक ITR फाइल करना होगा।
इस कैटेगरी में ITR-1 और ITR-2 भरने वाले करदाता आते हैं।
फ्रीलांसर और छोटे व्यवसायी
जिन लोगों के खातों का ऑडिट जरूरी नहीं है, जैसे फ्रीलांसर या प्रोफेशनल, उनके लिए डेडलाइन 31 अगस्त 2026 तय की गई है।
उन्हें अतिरिक्त समय इसलिए दिया गया है क्योंकि उनकी आय की गणना अपेक्षाकृत जटिल होती है।
टैक्स ऑडिट वाले मामले
जिन व्यवसायों के लिए टैक्स ऑडिट अनिवार्य है, वे 31 अक्टूबर 2026 तक अपना ITR फाइल कर सकते हैं।
इससे उन्हें ऑडिट प्रक्रिया पूरी करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है।
डेडलाइन मिस होने पर क्या होगा?
अगर आप समय पर ITR फाइल नहीं कर पाते हैं, तो 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न (Belated Return) फाइल किया जा सकता है। हालांकि इसके साथ आपको पेनल्टी और टैक्स पर ब्याज देना होगा।
गलती सुधारने का मौका
अगर आपने रिटर्न भरने में कोई गलती कर दी है, तो उसे 31 दिसंबर 2026 तक सुधारा जा सकता है।
वहीं पुराने वर्षों की छूटी हुई आय को घोषित करने के लिए ITR-U का विकल्प 31 मार्च 2031 तक उपलब्ध रहेगा।
नया इनकम टैक्स कानून कब लागू होगा?
ध्यान देने वाली बात यह है कि FY 2025-26 के रिटर्न अभी पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 के तहत ही भरे जाएंगे।
लेकिन 1 अप्रैल 2027 से नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू होगा, जिसमें नए नियम और फॉर्म शामिल होंगे।










